लोग अब न्यायालय से संबंधित जानकारियां घर बैठे ही प्राप्त सकते हैं।
- फोटो : demopic
लोग अब न्यायालय से संबंधित जानकारियां घर बैठे ही प्राप्त सकते हैं। यही नहीं कोर्ट में चल रहे अपने मामलों की सूचना भी उन्हें घर बैठे मिल जाएगी। ई-कोर्ट के माध्यम से वादी तथा प्रतिवादी अपने मामले की अगली तिथि, कार्रवाई और न्यायाधीश के फैसलों को मोबाइल तथा कंप्यूटर के माध्यम से घर बैठे पता कर सकते हैं। लोगों की सुविधा के लिए जिला न्यायालय में फ्रंट ऑफिस स्थापित किए हैं जिनके माध्यम से लोगों को यह तमाम सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।
यह जानकारी धर्मपुर विकास खंड की पंचायत चंडी में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सौजन्य से आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में सीनियर सिविल जज कसौली यजुवेंद्र सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य लोगों को कानूनी जानकारी प्रदान कर सरल, सस्ता और शीघ्र न्याय दिलाना है। भारत के संविधान में विभिन्न अपराधों के लिए हिरासत में लिए व्यक्तियों को भी कुछ अधिकार प्रदान किए हैं।
उन्होंने शिविर में किशोर अपराध न्याय व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं से लोगों को अवगत करवाया। कहा कि अभिभावक एवं अध्यापक युवाओं की गतिविधियों पर नजर रखें ताकि युवाओं को किसी भी संभावित अपराध में संलिप्त होने से बचाया जा सके। प्रत्येक नागरिक जिनकी समस्त स्रोतों से आय प्रतिवर्ष एक लाख रुपये तक है, वह अधिनियम के तहत नि:शुल्क कानूनी सहायता के पात्र होंगे। शीघ्र और सस्ता न्याय प्राप्त करने के लिए लोगों को आपसी मामले पंचायत स्तर और लोक अदालतों तथा मध्यस्थता प्रणाली के माध्यम से सुलझाने की पहल करनी चाहिए।
अधिवक्ता प्रशांत सूद ने मोटर वाहन अधिनियम और सूचना का अधिकार अधिनियम की जानकारी दी। लोगों को बताया कि बीपीएल परिवार से जुड़े प्रार्थी सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत नि:शुल्क जानकारी प्राप्त करने के हकदार हैं। अधिवक्ता भावना ठाकुर ने घरेलू हिंसा अधिनियम तथा भरण-पोषण अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को इन अधिनियमों की बारीकियों से अवगत करवाया। इस अवसर पर पंचायत चंडी के उपप्रधान रमेश ठाकुर, वार्ड सदस्य उषा शर्मा, जगदीश, राजीव, विद्या देवी, पुष्पा, न्यायालय विभाग के अधीक्षक अमर सिंह मेहला तथा नाजर ज्ञान शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।