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Solan News: सोलन को नया कुछ नहीं, पुरानी योजनाओं को ही बजट में गिनाया

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सोलन। कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही जिला सोलन को सबसे ज्यादा तवज्जो दी थी। यहां पांच विधायकों में से एक को मंत्री, जबकि दो को मुख्य संसदीय सचिव बनाया था। इसके बाद कई दिनों तक चर्चाएं रही थीं कि अब सोलन जिले में हर क्षेत्र में कई तरह की सुविधाएं मिलने वाली हैं। मगर सुक्खू सरकार के पहले बजट में ही सोलन जिले को ज्यादा कुछ नहीं मिल पाया। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क समेत अन्य मांगों में जिले को निराश ही हाथ लगी है। बजट में केवल जिला सोलन में इलेक्ट्रिक हब बनाने को जोर दिया गया है। प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र सोलन के बीबीएन में है। यहां पर करीब 4500 से ज्यादा छोटे-बड़े उद्योग हैं। उद्योगपति यहां पर बिजली में सब्सिडी समेत उद्योगों को लगाने के लिए कई तरह की छूट की मांग काफी समय से कर रहे हैं। मगर इस बार भी उन्हें निराशा ही मिली है। हालांकि सरकार ने औद्योगिक निवेश नीति लाने की घोषणा की है। इसमें सिंगल विंडो सिस्टम को ब्यूरो ऑफ इनवेस्टमेंट प्रमोशन में बदला जाएगा और उद्योगपतियों को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने होंगे। यदि यह मौजूदा वित्त वर्ष में शुरू होता है तो शायद उद्योगपतियों को इससे कुछ राहत मिलेगी। बजट में केवल सोलन के लिए जाबली में एक कोल्ड स्टोर खोलने की घोषणा की गई है। इसके अलावा पुरानी योजनाओं को ही सरकार ने आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। इसमें सोलन के वाकनाघाट में पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में बनाए जा रहे उत्कृष्ठ केंद्र को पूरा करने के लिए 68 करोड़ रुपये दिए हैं, जबकि इसका कार्य पहले से चल रहा है। कुल मिलाकर सरकार ने बजट में सोलन के लिए नया कुछ न देकर पुरानी योजनाओं को ही अपग्रेड करके दिखाया है।
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