हजारों बेरोजगार प्रशिक्षित शास्त्री अभ्यर्थियों में पनप रहा है रोष
भर्ती प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की बेरोजगार कर रहे मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभिक शिक्षा विभाग में शास्त्री अध्यापकों की भर्ती को स्थगित किए हुए एक महीना हो चुका है, लेकिन अभी तक इस भर्ती प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने के लिए कोई निर्णय सामने नहीं आया है। ऐसे में प्रदेश के हजारों प्रशिक्षित बेरोजगार शास्त्री अभ्यर्थियों में रोष पनप रहा है।
प्रशिक्षित बेरोजगार शास्त्री अध्यापकों में अंकुर कुमार, मनोज शर्मा, कमलेश कुमार, रजनी शर्मा, अनीता शर्मा, शशि बाला, शिव कुमार, गणेश शर्मा, जगजीत सिंह, अरविंद शर्मा, अनुपमा, नीरज शर्मा, राकेश कुमार, संदीप कुमार समेत अन्य सदस्यों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग में शास्त्री अध्यापकों के रिक्त पदों को भरने के लिए 17 और 18 नवंबर को काउंसलिंग प्रक्रिया रखी थी। जिसमें 17 नवंबर के दिन की भर्ती प्रक्रिया तो पूरी हो गई, लेकिन 18 नवंबर के दिन की काउंसिलिंग से पहले ही सरकार ने शास्त्री भर्ती प्रक्रिया को अकारण ही स्थगित कर दिया। जिससे बेरोजगार अभ्यर्थियों में भारी रोष है। इस बार सरकार द्वारा शास्त्री भर्ती में एनसीटीई के नियमों को शामिल किया गया है, जोकि सर्वमान्य और सर्वथा उचित है, लेकिन कुछ अप्रशिक्षित अभ्यर्थी बेवजह से सरकार के सामने यह भ्रांतियां फैला रहे हैं कि शास्त्री भर्ती में बीएड अनिवार्य नहीं होनी चाहिए या शास्त्री भर्ती पुराने नियमों से होनी चाहिए। बेरोजगार शास्त्री अभ्यर्थियों का सरकार से निवेदन है कि इस काउंसलिंग प्रक्रिया को पूरा करे और भर्ती का परिणाम घोषित करने का दायित्व माननीय उच्च न्यायालय पर छोड़ दे, ताकि किसी के साथ अन्याय न हो और न्यायसंगत परिणाम सामने आए और लंबे समय से रोजगार की आस लगाए बैठे बेरोजगार अभ्यर्थियों को राहत मिल सके।