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अर्की के बधेच गांव को पेयजल सप्लाई से नहीं जोड़ पाया आईपीएची

Wed, 29 Jun 2016 10:14 PM IST
ब्यूरो, सोलन
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गांव बधेच के ग्रामीण बावड़ी से पैदल चलकर पीठ पर पीने का पानी ढोने को मजबूर हैं। यह गांव आज भी पेयजल सुविधा से नहीं जुड़ पाया है। इसका ग्रामीणों को मलाल है। - फोटो : demo pic
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गांव बधेच के ग्रामीण बावड़ी से पैदल चलकर पीठ पर पीने का पानी ढोने को मजबूर हैं। यह गांव आज भी पेयजल सुविधा से नहीं जुड़ पाया है। इसका ग्रामीणों को मलाल है। ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल सप्लाई से जोड़ने के लिए विभाग के तमाम अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है। लेकिन गांव अभी तक पीने के पानी कि किसी भी स्कीम से नहीं जुड़ सका है। इस गांव की विभाग अभी तक अनदेखी करता आया है। ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि कुंहर पंचायत के बधेच गांव को पीने के पानी की सप्लाई से जोड़ा जाए। अमल न करने पर ग्रामीण विभागीय अधिकारियों का घेराव करने को मजबूर होंगे।
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हालत यह है कि बधेच गांव के युवा, महिलाएं, स्कूली छात्र और छात्राएं दिन भर पानी के छोटा तथा बड़ा कैन उठाकर रोजमर्रा के पीने के पानी की आवश्यकता को पूरा कर रहे हैं। बधेच निवासी ओम प्रकाश ठाकुर, लाल चंद ठाकुर, कमल ठाकुर, खेम राज ठाकुर, रति राम ठाकुर तथा नरपत ठाकुर ने बताया कि लंबे समय से बधेच गांव में पीने के पानी की समस्या से लोग परेशान हैं।

गंबर उठाऊ पेयजल परियोजना से घडयाच, कुंहर और अन्य गांव के लिए पीने के पानी की सप्लाई की पाइप लाइन बिछाई जा रही है। यह पाइप लाइन केवल पहले से आइपीएच की स्कीम के तहत उन उपभोक्ताओं को दी जा रही है, जिनके लिए सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग ने भंडारण टैंक बनाए हैं। लेकिन बधेच में विभाग की कोई भी पेयजल सप्लाई की पाइपें और स्टोरेज टैंक नहीं हैं। इसके अलावा जिन गांवों में लिफ्ट उठाऊ पेयजल  परियोजना है, वहां से सप्लाई बधेच गांव को देने को वहां से ग्रामीण मना कर रहे हैं। इस कारण लंबे समय से बधेच गांव के ग्रामीण पीने के पानी की समस्या झेलने को मजबूर हैं।
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बजट आते ही शुरू होगा काम : चौहान
अधिशासी अभियंता जीएस चौहान ने कहा कि जिन गांवों के नाम योजना में थे, वहां पूरा कार्य हुआ है। बधेच गांव में जल्द पेयजल व्यवस्था मुहैया करवाई जाएगी। बजट का इंतजार है। जैसे ही बजट आता है इस गांव में पानी की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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