मरीज शिमला, सोलन या निजी क्लीनिकों को जाने के लिए मजबूर
स्वास्थ्य मंत्री से लेकर अधिकारियों तक लोग कर चुके पत्राचार
20 हजार से अधिक आबादी परेशान, जल्द विशेषज्ञ की तैनाती की मांग
कुनिहार की 12 पंचायतों के लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार(सोलन)। सिविल अस्पताल कुनिहार में लाखों की लागत से स्थापित अल्ट्रासाउंड मशीन रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में वर्षों से बंद है। मशीन उपलब्ध होने के बावजूद जांच सुविधा न मिलने से लोगों को मजबूरन सोलन, शिमला या क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। इस अस्पताल पर क्षेत्र की एक दर्जन से अधिक पंचायतों की 20 हजार से ज्यादा आबादी निर्भर है।
लोगों के अनुसार कुछ समय पहले अर्की से एक विशेषज्ञ सप्ताह में तीन दिन कुनिहार आता था। अब उन्होंने भी आना बंद कर दिया है। इसके चलते मरीजों की परेशानी और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध होती तो गरीब और मध्य वर्ग के मरीजों को बड़ी राहत मिलती। विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति न होने से यह मशीन केवल शोपीस बनकर रह गई है। सबसे अधिक दिक्कत गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और आपात स्थिति वाले मरीजों को झेलनी पड़ रही है। उन्हें मामूली जांच के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
कुनिहार विकास सेवा के अध्यक्ष धनीराम तंवर ने कहा कि अल्ट्रासाउंड सेवा बहाल करने के लिए कई बार संबंधित विभाग और जिला स्तर पर पत्राचार किया जा चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल को भी इस समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाया गया है। तंवर ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो कुनिहार क्षेत्र को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा हो। उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से शीघ्र रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति कर अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने की मांग की।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध है। किन रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण सेवा शुरू नहीं हो पा रही है। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। विभाग स्तर पर प्रक्रिया जारी है। विशेषज्ञ की नियुक्ति होते ही अल्ट्रासाउंड सेवा बहाल कर दी जाएगी।
-डॉ. मुक्ता रस्तोगी, बीएमओ