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कंडाघाट में दो घंटे चले रेस्क्यू में एंबुलेंस रुकी ना उम्दा औजार मिले

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कंडाघाट (सोलन)। मलबे से मजदूरों की मौत कंडाघाट में कई सवाल छोड़ गई। कहने को रेस्क्यू ऑपरेशन करीब दो घंटे तक चलता रहा लेकिन मजदूरों को ढूंढ रही टीम के पास न उम्दा औजार थे और न ही कोई एंबुलेंस घटनास्थल के आसपास खड़ी थी। परिवार की उम्मीद को छोड़कर सभी मजदूरों के शव तलाश रहे थे। एक मजदूर का शव करीब आधे घंटे बाद ढूंढा जा सका।
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दूसरे को ढूंढने के लिए डेढ़ घंटे तक सर्च अभियान चलता रहा। मजदूरों के मलबे में दबने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी आपात स्थिति से कन्नी काटता नजर आया। जिस जगह हादसा हुआ, उसके ठीक बगल में उपमंडल स्तरीय अस्पताल का निर्माण हो रहा है लेकिन हादसे के बाद मौके पर एंबुलेंस खड़ी नहीं रही। दूसरे शव को मलबे से निकाला गया तो पुलिस कर्मियों के पास स्ट्रेचर तक नहीं था। मजदूर के शव को चादर में लपेट कर ले जाना पड़ा। स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की खराब व्यवस्था को लेकर काफी आक्रोश रहा। मलबे में दबे मजदूरों को हर कोई मुर्दा मान चुका था लेकिन घटनास्थल पर आंसू बहा रहे मजदूर के परिजन आखिर तक उम्मीद में बैठे रहे। कंडाघाट में इस इस तरह के दूसरे हादसे से लोग सहम गए हैं। इससे पहले चायल मार्ग पर साधुपुल के समीप भी ऐसे ही एक हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई थी जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ था। इस मामले पर उपमंडल प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं।
मौत के मामले की जांच होगी : एसडीएम
एसडीएम संजीव धीमान का कहना है कि मजदूरों की मौत की जांच होगी। उन्होंने बताया कि जहां यह हादसा हुआ, वहां बहुत से साक्ष्य मिले हैं। जमीन खोदने के दौरान मजदूरों के ऊपर मलबा गिरा जिससे उनकी मौत हुई। इस पूरी घटना की जांच की जाएगी।
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