सुरेंद्र शर्मा
बद्दी (सोलन)। स्कूल बस में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद भी बीबीएन के ज्यादातर स्कूल प्रबंधकों ने कोई सबक नहीं लिया है। सोमवार को ज्यादातर बसें बिना महिला सहायक के स्कूली छात्राओं को बस में लेने और छोड़ने गईं।
बीते शनिवार को बद्दी के एक निजी स्कूल की बस में अबोध बच्ची के साथ हुई हैवानियत के बावजूद न तो प्रशासन और न ही किसी भी स्कूल प्रबंधन ने महिला सहायकों को बस के साथ भेना जरूरी समझा। हैरत इस बात की है कि बीबीएन क्षेत्र में इतना बड़ा हादसा हो गया लेकिन फिर भी न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी सड़क पर दिखा। न ही किसी स्कूल प्रबंधक ने स्कूल बस में महिला सहायक को भेजा। ऐसा लग रहा है कि स्कूल प्रबंधकों के लिए बनाए सभी नियम और कानून सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गए हैं। आज भी शहर में ज्यादातर बसें बिना महिला सहायक के सड़कों पर दौड़ती दिखीं। किसी भी प्रशासनिक या अन्य अधिकारी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं करने लोगों में खासा रोष है।
उधर, आज स्कूल में प्रदर्शन करने गए अभिभावकों ने आरोप लगाया कि ड्राइवर के पास स्कूल बस चलाने का लाइसेंस तक नहीं है। अभिभावकों का आरोप है कि पुलिस क्या सिर्फ अन्य वाहन चालकों के चालान करने तक सीमित है। बीबीएन के स्कूलों में साथ लगते पड़ौसी राज्य हरियाणा के बच्चे भी रोजाना इन्हीं बसों में आते हैं। आखिर क्यों यातायात पुलिस इन बसों को चेक नहीं करती। उन्होंने कहा कि क्या पुलिस प्रशासन की इन स्कूल प्रबंधकों के साथ कोई सांठगांठ है।
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि हिमाचल या हरियाणा पुलिस आखिर क्यों स्कूल बस ड्राइवरों के लाइसेंस नहीं जांचती है। अभी भी ऐसी कई बसें हैं जो नियमों को ताक पर रख सड़कों पर दौड़ रही हैं। गुस्साए अभिभावकों ने पुलिस प्रशासन को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग भी सिर्फ बिना हेल्मेट लोगों के चालान काटने तक ही सीमित है। रोजाना कई स्कूल बसें हिमाचल व हरियाणा के बॉर्डर से होकर गुजरती हैं। मजाल है कि किसी भी राज्य की पुलिस ने इन स्कूल बसों की चेकिंग की हो। कई स्कूलों में नाबालिग ड्राइवर और कंडक्टर रखने के भी आरोप लगते रहे हैं।
नियमों के अनुसार होगी कार्रवाई : आरटीओ
आरटीओ रविंद्र शर्मा ने कहा कि पहले भी नियमों के विरुद्ध चलनी वाली स्कूली बसों के खिलाफ कार्रवाई की है। स्कूल बसों में महिला सहायक नहीं पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी स्कूल बसें पूरे सप्ताह खड़ी रही थीं। ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।