विभाग ने जिले के सभी सरकारी स्कूलों को जारी किए निर्देश
शिक्षा का अधिकार नियम का दिया गया है हवाला, सख्ती से लागू
अभी कई स्कूलों में बच्चों से वसूले जा रहे थे कई तरह के फंड
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम को कड़ाई से लागू करने के लिए प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोलन की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, जिले के सभी सरकारी स्कूलों में प्रारंभिक स्तर तक के छात्रों से किसी भी तरह की फीस या फंड वसूलने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
जानकारी के अनुसार अभी तक कई स्कूलों में बच्चों से विभिन्न प्रकार के फंड वसूले जा रहे थे, जिस पर अब विभाग ने पूरी तरह से लगाम कस दी है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे प्रारंभिक कक्षाओं के बच्चों से कोई भी फीस, फंड, अंशदान, डोनेशन या किसी अन्य नाम से कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा। विभाग ने इस आदेश को अति आवश्यक मानते हुए सभी स्कूल परिसरों के प्रमुखों, प्रधानाचार्यों और सभी 10 शिक्षा ब्लॉकों के अधिकारियों को इसे तुरंत और पूरी तरह से लागू करने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई भी स्कूल या संस्थान इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों या स्टाफ के खिलाफ नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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इस लिए लिया गया यह फैसला
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत यह स्पष्ट प्रावधान है कि किसी भी बच्चे से ऐसा कोई शुल्क या खर्च नहीं लिया जा सकता, जो उसे उसकी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने से रोके। हिमाचल प्रदेश सरकार पहले से ही प्रारंभिक स्तर के छात्रों को मुफ्त शिक्षा, मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और मिड-डे मील जैसी सुविधाएं दे रही है ताकि कोई भी बच्चा पैसों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। इसी व्यवस्था को जमीनी स्तर पर पारदर्शी बनाने के लिए यह सख्ती अपनाई गई है।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रारंभिक स्तर के बच्चों से किसी भी तरह का फंड या शुल्क लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है। सभी स्कूलों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
कुमारी रीता गुप्ता, शिक्षा उपनिदेशक (प्रारंभिक शिक्षा), सोलन