फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Solan News: उपप्रधान ने मनमर्जी से भेजा नई पंचायत का प्रस्ताव, लोगों के विरोध के बाद मांगी माफी

विज्ञापन
विज्ञापन
किशनपुरा पंचायत का मामला, लोगों को पता चला तो आनन-फानन में बुलाई विशेष बैठक
विज्ञापन

दोबारा से भेजा प्रस्ताव, अलग पंचायत न बनाने की उठाई गई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। किशनपुरा पंचायत के उपप्रधान ने गुपचुप तरीके से गुरुमाजरा क्षेत्र को अलग करके नई पंचायत बनाने का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया, जबकि प्रधान और वार्ड पंचों को इस प्रस्ताव की जानकारी नहीं थी। लोगों को जैसे ही इसकी सूचना मिली तो उन्होंने आनन-फानन में पंचायत की बैठक बुलाई। बिना पंचायत प्रतिनिधियों और लोगों को विश्वास में लिए नई पंचायत बनाने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई। बुधवार को हुई पंचायत की विशेष बैठक में लोगों के विरोध को देखते हुए उपप्रधान ने माफी मांगी और दोबारा इस तरह की गलती न करने की बात कही।

पंचायत प्रधान सुरजन सैणी ने कहा कि ग्रामसभा की बैठक में उपप्रधान ने कुछ लोगों के हस्ताक्षर कराने के बाद प्रस्ताव सरकार को भेज दिया, जिसमें उसने गुरुमाजरा को इस पंचायत से अलग कर नई पंचायत बनाने की मांग रखी। पंचायत के लोगों ने इसका विरोध किया और बुधवार को हुई पंचायत की विशेष बैठक में प्रस्ताव पारित करके उपायुक्त सोलन को भेजा गया जिसमें पंचायत के विभाजन न करने की मांग रखी।
विज्ञापन


पूर्व प्रधान ईश्वर ठाकुर ने बताया कि पंचायत के लोगों को बिना विश्वास में लिए ऐसा किया गया है। इससे लोग भड़क गए और पंचायत की बैठक बुलाई गई। इसमें सभी लोगों के सुझाव लिए गए। गोसेवा आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक शर्मा ने बताया कि उनकी पंचायत में 2600 मतदाता हैं और इन सभी मतदाताओं ने पंचायत प्रतिनिधियों को चुना है लेकिन पंचायत को विश्वास में न लेकर उपप्रधान ने गुरुमाजरा क्षेत्र की अलग पंचायत बनाने का प्रस्ताव भेज दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें कई लोगों के हस्ताक्षर भी फर्जी थे। उपप्रधान ने माफी मांग कर अपनी गलती मानी है। बैठक में पूर्व प्रधान दलीप चंद, जसवंत, विश्वनाथ, शमशेर सिंह राणा, अविनाश ठाकुर, जयराम चौधरी, अंकुश नेगी, भूपेंद्र नेगी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

बाक्स
पंचायत के उपप्रधान अब्दुल गफुर ने साफ तौर पर से माफी मांगने से इन्कार किया है। उनका कहना है कि दो पंचायतें बनने से विकास होगा। जिन तीन गांव की सहमति हुई है उन सभी के हस्ताक्षर प्रस्तुत करेंगे। कुछ चुनिदा लोग ही इसका विरोध कर रहे हैं जो क्षेत्र में विकास नहीं होने देना चाहते।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें