बद्दी(सोलन)। भाड़े को लेकर ट्रक यूनियन और बीबीएनआईए (उद्योग संघ) के बीच हुई सहमति पर उच्च न्यायालय ने मुहर लगा दी है। दोनों पक्षों के बीच सहमति के आधार पर शुक्रवार से नया भाड़ा लागू किया जाएगा। ट्रक यूनियन और बीबीएनआईए के बीच भाड़े को लेकर पिछले एक साल से विवाद चल रहा था।
इस पर बीबीएनआईए ने यूनियन के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी सहमति बनाने के लिए समय दिया था। इस पर उपायुक्त सोलन के नेतृत्व में ट्रक यूनियन और उद्योग संघ के पदाधिकारियों के बीच में बैठक हुई। इस बैठक में दोनों पक्षों में भाड़े को लेकर सहमति बनाई और उसे कोर्ट में पेश किया जिसे कोर्ट ने स्वीकृति दे दी है।
नई सहमति के अनुसार भाड़ा अभी भी एक रुपये डीजल के दाम बढ़ने पर 35 पैसे ही बढ़ेगा। अगर माल 18 टन होगा तो भाड़ा एक रुपये डीजल बढ़ने पर 50 पैसे प्रति किमी बढ़ेगा। ट्रक यूनियन ने 10 से 19 फीसदी तक भाड़े के दरों में कमी के साथ ही भारत सरकार ने नई ट्रांसपोर्ट नीति के तहत नौ टन के स्थान पर 11 और 15 टन के स्थान पर 18 टन माल ले जाने की अनुमति दी है। अगर माल 11 टन होगा तो भाड़ा 10 टन का लिया जाएगा। अगर 18 टन माल होगा तो भाड़ा साढे़ 16 टन का लिया जाएगा।
सेब के डिब्बे पर पांच फीसदी छूट
नए नियम के अनुसार बद्दी को केंद्र बिंदू माना गया है। अब सभी जगह भाड़ा बद्दी से ही लगेगा चाहे वाहन नालागढ़, मानपुरा या बरोटीवाला से भरा जाए। फैलावट वाले सामान पर यूनियन कंपनी मालिक को पांच फीसदी छूट देगी। वहीं सेब सीजन के दौरान डिब्बे पर यूनियन संबंधित कंपनी को पांच फीसदी विशेष छूट देगी। इन सभी मामलों में दोनों पक्षों में लिखित रूप में स्वीकृति दी है। इस पर उच्च न्यायालय ने इस सहमति पर भी अपनी मुहर लगा दी है।
उधर, बीबीएनआईए के अध्यक्ष संजय खुराना ने कहा कि इस फैसले का तभी फायदा है, जब दोनों पक्ष लंबे समय तक पालन करें। नालागढ़ ट्रक यूनियन के प्रधान विद्या रतन चौधरी ने फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते ही ट्रक संचालकों को नुकसान हो न ही उद्योग को। दोनों में सहमति बनी रहे जिससे सभी का विकास होता रहे।