सोलन डिपो को 20 और नालागढ़ को आवंटित हुईं 15 इलेक्ट्रिक बसें
जिला मुख्यालय से परवाणू और अर्की सब डिपो को भी भेजी जाएंगी बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल होगी। जिले के परिवहन बेड़े को मजबूती प्रदान करते हुए 34 नई अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसें सौंपी गई हैं। मुख्यमंत्री की ओर से औपचारिक शुभारंभ किए जाने के बाद ये बसें जिले के परिवहन डिपुओं को सौंप दी गईं। इससे अब यात्रियों को लंबे समय से हो रही बसों की कमी की असुविधा से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार जिले में आईं 35 बसों में से 20 बसें सोलन डिपो और 15 बसें नालागढ़ क्षेत्र के लिए आवंटित की गई हैं। सोलन को मिली 20 बसों का लाभ केवल मुख्य शहर तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इनमें से कुछ बसों को अर्की और परवाणू सब डिपो में भी भेजा जाएगा, ताकि ग्रामीण व उप शहरी इलाकों में भी कनेक्टिविटी सुधारी जा सके। नालागढ़ के क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक अग्निहोत्री ने बताया कि नालागढ़ बेड़े को 15 बसें मिली हैं, जिससे औद्योगिक क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर परिवहन सेवा मिलेगी। वहीं, सोलन का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे परवाणू के आरएम प्रदीप कुमार ने कहा कि सोलन को प्राप्त 20 बसों में से आवश्यकतानुसार बसों को अन्य सब डिपो में भेजा जाएगा ताकि पूरे जिले को इसका लाभ मिले।
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धूल फांक रही थीं बसें, अब मिला सही ठिकाना
गौरतलब है कि ये नई इलेक्ट्रिक बसें पिछले काफी समय से प्रशासनिक औपचारिकताओं और उद्घाटन के इंतजार में खड़ी थीं। पहले इन्हें सोलन की सब्जी मंडी में खड़ा किया गया, जिसके बाद परवाणू और फिर अन्य जिलों के अलग-अलग हिस्सों में सड़कों के किनारे खड़ा रखा गया, जहां ये बसें धूल फांक रही थीं। लंबे समय से खड़ी इन बसों को लेकर स्थानीय लोगों में निराशा बढ़ रही थी। हालांकि, अब मुख्यमंत्री द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद इन बसों को आखिरकार अपना सही ठिकाना मिल गया है और बेड़े में शामिल कर लिया गया है।
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जल्द तय होंगे आधिकारिक रूट
अब इन बसों के संचालन के लिए रूट निर्धारण की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इलेक्ट्रिक बसों के लिए आधिकारिक मार्ग निर्धारित किए जा रहे हैं। जैसे ही रूटों की कागजी और व्यावहारिक प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, इन बसों को तुरंत यात्रियों की सेवा में रवाना कर दिया जाएगा। इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी बल्कि यात्रियों को शांत, आरामदायक और सुगम सफर का अनुभव भी मिलेगा।