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बाहरी राज्यों तक ट्रक चला रहीं अर्की की नीलकमल

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योगेश शर्मा
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अर्की(सोलन)। कुछ करने की हिम्मत और जज्बा हो तो नामुमकिन को भी मुमकिन किया जा सकता है। यह कहना है प्रदेश की पहली ट्रक चालक नील कमल ठाकुर का जोकि प्रदेश ही नहीं बल्कि बाहरी राज्यों में भी ट्रक दौड़ा रही है। वह पिपलुघाटघाट क्षेत्र की रहने वाली है। महिला पिछले दस वर्षों से ट्रक चला रही हैं और समाज के लिए एक मिसाल बनी है।
नीलकमल का कहना है कि उनके पति ट्रांसपोर्ट थे, और उनका अच्छा कारोबार था। लेकिन 2010 में एक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद उनके लिए परिवार को संभालना व पति द्वारा ट्रांसपोर्टर का काम को आगे बढ़ाना बेहद चुनौती भरा था। ट्रकों के लौन अभी बाकी थे और ट्रक चालक कई बार हिसाब में हेराफेरी करते पकड़े गए तो नीलकमल ने फैसला किया कि क्यों ना वह खुद ही ट्रक चलाएं और इस कारोबार को बढ़ाने के साथ साथ बच्चों की परवरिश करें। धीरे-धीरे उन्होंने ट्रक चलाना सीखा पहली मर्तबा जब वह ट्रक लोड करने के लिए कंपनी के अंदर गई तो लोगों का देखने का नजरिया अलग था, लेकिन असूलों के पक्के व कड़े दम होने के कारण आज वह हिमाचल में ही नहीं अपितु साथ लगते राज्यों में भी रात दिन ट्रक चला कर अपना कारोबार बढ़ा रही है।
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शुरुआती दौर में उन्हें सीमेंट लोड करने के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ता था, लेकिन स्थानीय प्रशासन की दखलंदाजी से आज उन्हें लोडिंग के लिए प्राथमिकता भी दी जाती है।
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अपने डेयरी फार्म भी करती हैं काम
नीलकमल ने 17 पहाड़ी वह नस्ली गायों को भी रखा है, जिससे प्रतिदिन वह करीब 150 लीटर से ज्यादा दूध डेयरी फार्म को भेजती है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने इस कार्य के लिए किसी नौकर को नहीं रखा है बल्कि परिवार के सभी लोग जिसमे उनका बेटा, उनके माता पिता, भतीजा-भतीजी ही इस कार्य को मिलजुल कर रहे हैं। इसके अलावा पिछले पंचायती राज चुनाव में उन्होंने धुंदन वार्ड से (निर्दलीय) जिला परिषद का चुनाव भी लड़ा तथा लेकिन बहुत ही कम मार्जन से हारी। नीलकमल का कहना है कि यदि महिला के मन में कुछ करने के चाहत और प्रण हो तो वह समाज को एक नई दिशा दे सकती हैं।
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