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Solan News: नौणी की मृदा एवं पत्ती विश्लेषण लैब को मिली एनएबीएल मान्यता

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2021 में शुरू हुई थी लैब, 6,000 नमूनों कर का चुके है जांच
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11 मापदंडों पर व्यापक मिट्टी परीक्षण करने में सक्षम है यह लैब

संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विवि में मृदा विज्ञान, जल प्रबंधन विभाग की उन्नत मृदा और पत्ती विश्लेषण प्रयोगशाला को राष्ट्रीय परीक्षण अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) मान्यता मिली है। यह मान्यता आईएसओ, आईईसी मानक के अनुसार प्रदान की गई। विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना परियोजना के तहत स्थापित यह प्रयोगशाला मिट्टी के माइक्रोनूट्रीएंट और मैक्रोन्यूट्रिएंट्स के परीक्षण सहित कंपोस्ट और व्यापक पत्ती विश्लेषण में माहिर है।
यहां फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर (एफसीओ) विनिर्देशों के अनुसार खाद और कंपोस्ट विश्लेषण भी होता है। इस प्रयोगशाला ने पहले ही हिमाचल के किसानों सहित कई राज्यों की संस्थाओं के सैंपलों का मृदा, कंपोस्ट और पत्ती विश्लेषण किया है। मृदा विज्ञान और जल प्रबंधन विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष एवं प्रयोगशाला के गुणवत्ता प्रबंधक डॉ. उदय शर्मा ने प्रमाणन प्राप्त करने में शामिल प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। लैब का भारतीय गुणवत्ता परिषद द्वारा गहन मूल्यांकन किया गया, जिसमें 11 मापदंडों पर व्यापक मिट्टी परीक्षण के लिए मान्यता देने से पहले अज्ञात नमूनों के विश्लेषण के माध्यम से इसकी विश्वसनीयता का परीक्षण करना शामिल था।
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उधर, कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए मृदा विज्ञान विभाग की टीम को बधाई दी। अनुसंधान निदेशक डॉ. संजीव चौहान ने भी टीम के प्रयासों की सराहना की और आगे बढ़ते हुए प्रयोगशाला द्वारा निर्धारित उच्च गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। 2021 में पूरी तरह से चालू होने के बाद से, प्रयोगशाला ने 6,000 से अधिक नमूनों का विश्लेषण किया है, जिसने विश्वविद्यालय के राजस्व और मृदा विज्ञान अनुसंधान में अग्रणी के रूप में इसकी प्रतिष्ठा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
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