एडीएसजे अभय मंडयाल की अदालत ने सुनाई सजा
07 मार्च 2016 कारे बद्दी के ठेड़ा गांव में हुई थी मारपीट
मध्य प्रदेश के सिगरौली का रहने वाला है दोषी सुभाकर
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नालागढ़ अभय मंडयाल की अदालत ने गैर इरादतन हत्या में दोषी सुभाकर साकेत को 10 साल की कैद और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
उप जिला न्यायवादी देवेंद्र सिंह चंदेल ने बताया कि 7 मार्च 2016 को देररात थाना बद्दी के ठेड़ा से मारपीट की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शिकायतकर्ता अनिल कुमार ने अपना बयान में बताया कि दोषी सुभाकर साकेत निवासी गांव पूर्वा, डाकघर जखरावल तहसील देवसर जिला सिगरौली मध्य प्रदेश व इसका भाई अनिल साकेत की आपस में किसी बात को लेकर बहसबाजी हो गई थी। इसी दौरान दोषी शुभाकर साकेत हाथ में तवा लेकर आया और पीड़ित असरफ अली को कमरा में बंद करके तवा से मारने लगा। पीड़ित असरफ को मारने के बाद सुभाकर कमरे की खिड़की तोड़कर वहां से भाग गया। जिस पर बद्दी पुलिस ने सुभाकर साकेत के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
सोमवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश शुभाकर साकेत को दोषी पाते हुए 10 साल का कठोर कारावास व 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की एवज में दो माह के अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।