बच्चों के अलावा बुजुर्गों तथा महिलाओं के टहलने के लिए मशहूर मोहन पार्क की हालत खस्ता हो चुकी है। इस पार्क में स्थानीय लोग ही नहीं बाहर से कई बार सैलानी भी आते हैं। पार्क में बच्चों का खेलना-कूदना खतरे से भरा है। हालत यह है कि पार्क नशेड़ियों का ठिकाना बन चुका है। पार्क में लगे झूले टूटे पड़े हैं।
शौचालय और सफाई व्यवस्था भी नियमित रूप से नहीं हो रही। टूटे झूलों से कभी भी कोई बच्चा गिर सकता है। पार्क के रास्ते भी टूटे पड़े हैं। इस कारण किसी बुजुर्ग या बच्चे का इस पर चलना मुश्किल है। इस कारण अक्सर दुर्घटना होने का अंदेशा रहता है। शहर से थोड़ी सी दूरी पर एकांत क्षेत्र में होने के कारण इस पार्क में हर कोई यहां पर टहलना पसंद करता है। लेकिन पार्क की दशा बहुत खराब है। झूले टूटे होने से अभिभावक अपने बच्चों की झूलने की ख्वाइश पूरा नहीं कर पाते। लोगों ने पार्क की दशा को सुधारने की मांग की है।
क्या कहते हैं लोग
खस्ताहाल रास्ते से परेशानी
स्थानीय निवासी किरण ने कहा कि वह अपने पोते के साथ पार्क में टहलने जाती है। पार्क के निचले फ्लोर को जाने वाला रास्ता खस्ताहालत में है। पार्क की ग्रिल में लगाए बिजली बोर्ड टूटे पड़े हैं। इनमें से बिजली की तारें ग्रिल में टच हो रही हैं जिससे बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है।
झूले ठीक करवाने की मांग की
पार्क में अपने छोटे भाई बहनों के साथ घूमने आई ज्योति का कहना है कि शहर से थोड़ी दूरी और एकांत जगह पर पार्क होने से अक्सर यहां लोगों की भीड़ रहती है। टूटे हुए झूले पर उनकी बच्चों को बिठाने की हिम्मत नहीं होती। उन्होंने झूलों को ठीक करवाने की मांग की है।
फव्वारे दुरुस्त करने की मांग
पार्क में बेठी सपना ठाकुर ने कहा कि वह अपने अभिभावकों के साथ रोजाना इस पार्क में टहलने के लिए आती हैं। यह पार्क उन्हें बहुत अच्छा लगता है। वह बचपन से इस पार्क में घूमने आती है। उन्हें पार्क में लगे पानी के फव्वारे बहुत अच्छे लगते थे। अब फव्वारे नहीं चलते।
शौचालय की हो सफाई
गौरव ने कहा कि मोहन पार्क दिनप्रतिदिन खस्ता होता जा रहा है। यहां पर शाम के समय नशेड़ी अपना अड्डा जमा लेते हैं। शौचालय की सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। इस कारण शौचालयों में दुर्गंध फैली रहती है। पार्क में टहलने में परेशानी होती है।
नप जल्द सुधारेगी पार्क की दशा : गुप्ता
नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि यह पार्क एक निजी कंपनी ने लिया था। इनके साथ मिलकर नगर परिषद इस पार्क का रखरखाव करते हैं। लेकिन किसी कारणवश यह कंपनी इस पार्क का रखरखाव नहीं कर पा रही। इसलिए अब नगर परिषद इसे किसी ओर कंपनी को देने की सोच रही है। नप जल्द पार्र्क की दशा सुधारेगी।