भूकंप से पुल टूटने और बस गिरने का काल्पनिक परिदृश्य रचकर परखीं तैयारियां
एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय स्वयंसेवकों की भागीदारी से आपदा प्रबंधन व्यवस्था परखी
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन योजना के तहत सोमवार को नालागढ़ उपमंडल के जगातखाना क्षेत्र में एक विशाल मेगा मॉकड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, आपसी तालमेल और संसाधनों की उपलब्धता को परखना था।
मॉकड्रिल के दौरान एक बेहद चुनौतीपूर्ण और काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया था। परिदृश्य के अनुसार, क्षेत्र में आए भीषण भूकंप के कारण नालागढ़-रोपड़ मार्ग पर स्थित सरसा खड्ड का पुल अचानक ध्वस्त हो जाता है और यात्रियों से भरी एक बस सीधे नदी में जा गिरती है।घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन दल, लोक निर्माण विभाग और 108 एंबुलेंस सेवा को मौके पर रवाना किया गया। एनडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू किया। मलबे को हटाने और राहत कार्य में तेजी लाने के लिए हाइड्रा क्रेन, जेसीबी मशीनों और टिपर का इस्तेमाल किया गया। काल्पनिक परिदृश्य के अनुसार बस में कुल 34 यात्री सवार थे। इनमें से 10 यात्रियों को मृत, 13 को गंभीर रूप से घायल और 11 को सामान्य चोटें आई दर्शाया गया।
प्रशासन और समाज का दिखा बेहतरीन समन्वय
एसडीएम नालागढ़ नरेंद्र आहलूवालिया ने बताया कि गंभीर घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिये सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नालागढ़ पहुंचाया गया, जबकि सामान्य घायलों को राहत शिविर में प्राथमिक उपचार दिया गया। इस दौरान तहसीलदार रामशहर अभिषेक ठाकुर ने घटना प्रभारी के रूप में मोर्चा संभाला। इस मॉकड्रिल की खास बात यह रही कि इसमें स्थानीय ग्रामीणों, आपदा मित्रों और अवस्थी नर्सिंग कॉलेज, आकाश मेडिकल इंस्टीट्यूट व लॉर्ड महावीरा कॉलेज के मेडिकल छात्रों ने स्वयंसेवकों के रूप में बढ़-चढ़कर भाग लिया। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर कृष्ण ने बतौर ऑब्जर्वर पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की और आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक मजबूत करने के लिए जरूरी सुझाव दिए।