फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोबाइल रेडिएशन से याददाश्त और प्रजनन क्षमता पर पड़ रहा बुरा असर : प्रो. पॉलराज

विज्ञापन
कंडाघाट कॉलेज में जलवायु बचाव पर शपथ लेते हुए प्रध्यापक और विद्यार्थी। संवाद - फोटो : शपथ ग्रहण करते पदा​धिकारी।
विज्ञापन
कंडाघाट कॉलेज में पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन पर जागरूकता कार्यक्रम
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
कंडाघाट (सोलन)। राजकीय महाविद्यालय कंडाघाट के ईको क्लब की ओर से पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने आधुनिक जीवन में मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल और उससे निकलने वाले घातक विकिरण (रेडिएशन) के प्रति छात्र-छात्राओं को आगाह किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली के पर्यावरण विज्ञान संस्थान के प्रख्यात विद्वान प्रो. पॉलराज आर ने मोबाइल विकिरण के हानिकारक प्रभाव विषय पर विस्तार से व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि मोबाइल आज जीवन की जरूरत बन गया है, लेकिन इसका अनियंत्रित उपयोग स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। प्रो. पॉलराज ने चेतावनी दी कि अत्यधिक रेडिएशन के कारण स्मृति ह्रास (याददाश्त की कमी), मस्तिष्क की कोशिकाओं का डैमेज होना और प्रजनन अंगों पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है, जिससे बांझपन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। प्रोफेसर ने बताया कि यह विकिरण केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे हमारी जैव विविधता का भी भारी ह्रास हो रहा है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि मोबाइल का उपयोग केवल बहुत जरूरी होने पर ही करें और सोते समय फोन को खुद से दूर रखें। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मदन लाल मनकोटिया ने ईको क्लब के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि रेडिएशन के प्रभावों को कम करने के लिए जन-जागरूकता बहुत आवश्यक है। इस अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक प्रो. पाल राज, डॉ. संगीता गोयल और डॉ. आकांक्षा कसानिया भी मौजूद रहीं। ईको क्लब की संयोजक डॉ. राधा वर्मा ने सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें