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शहर की पेयजल किल्लत पर घमासान, नप के सुपुर्द करें पानी की लिफ्टिंग

Fri, 05 Aug 2016 10:14 PM IST
ब्यूरो, सोलन
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शहर के वार्डों में पानी की दिक्कत को लेकर नगर पार्षदों की बैठक में आईपीएच की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। - फोटो : अमर उजाला
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शहर के वार्डों में पानी की दिक्कत को लेकर नगर पार्षदों की बैठक में आईपीएच की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। शहर में चल रही पेयजल किल्लत को लेकर आईपीएच को जिम्मेवार ठहराया गया। साथ ही बैठक में मांग की गई कि आईपीएच से पेयजल योजनों से पानी लिफ्टिंग का अधिकार छीनकर नप को देने की मांग की गई। मांग उठाई कि पेयजल वितरण और पानी के मुख्य स्रोतों से पानी की लिफ्टिंग का जिम्मा आईपीएच और नगर परिषद में से किसी एक को सौंपा जाए।
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  वर्तमान में शहर में पानी के मुख्य स्रोतों से स्टोरेज टैंकों तक पानी पहुंचाने का जिम्मा आईपीएच के पास है तो स्टोरेज टैंकों से लेकर शहर की आबादी तक पानी पहुंचाने का जिम्मा नप के पास है। ऐसे में नगर परिषद जहां पानी की कम लिफ्टिंग का तर्क देकर पेयजल किल्लत की बात कह रहा हैै वहीं आईपीएच पानी के गलत वितरण को पेयजल किल्लत कारण बता रहा है। बैठक में फैसला हुआ कि एक सप्ताह के भीतर यदि व्यवस्था सुधरी तो नगर पार्षद शिमला में सीएम और आईपीएच मंत्री के समक्ष फरियाद सुनाएंगे।

कहां से पूरा करें पानी
बैठक की अध्यक्षता करते हुए नगर परिषद पवन गुप्ता ने कहा कि आईपीएच पानी देने में नाकाम साबित हुआ है। हर समय सिल्ट की बात कही जा रही है। अश्वनी बंद है। गिरि से रोजाना 8 से 10 लाख गैलन पानी ही मिल रहा है। ऐसे में 60 हजार की आबादी वाले शहर को पानी कहां से मुहैया करवाएं। कहा कि पार्षदों को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। लोगों को भी समस्या समझनी चाहिए।
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डीसी से नहीं मिला समय
बैठक के बाद उपायुक्त से मिलकर समस्या का समाधान की गुहार लगाने का निर्णय लिया गया। लेकिन बताया गया कि उपायुक्त से समय नहीं मिल सका। लिहाजा जल्द ही उपायुक्त से मिलकर समस्या के निदान के प्रयास किए जाएंगे।

जलसंकट को लेकर तलब की
बैठक में नहीं पहुंचे सात पार्षद
अंतर्कलह के बीच पानी को लेकर जंग
कांग्रेस के एक पार्षद सत्या वर्मा ने भरी हाजिरी
कुछ ने कहा निमंत्रण नहीं मिला, कुछ बोले काम था
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। एक तरफ शहर की जनता बिना पानी प्यासी है। वहीं पानी की समस्या के निदान के लिए बुलाई बैठक में पार्षद गैरहाजिर रहे। शुक्रवार को बुलाई बैठक में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अलावा 6 पार्षद ही पहुंचे। इसमें कांग्रेस की महज एक पार्षद सत्या वर्मा मौजूद रहीं।
 पार्षदों की अंतर्कलह से जूझ रही बैठक में कांग्रेसियों के अलावा भाजपा पार्षद का गायब रहना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या महज राजनैतिक रोटियां सेंकने के लिए ही पार्षदों ने कुर्सी संभाली है? क्या वार्ड स्तर तक पानी पहुंचाने का दायित्व पार्षदों का नहीं है? क्या जनता से जुड़े पानी के मुद्दे के लिए एकजुट काम करने की जरूरत नहीं है। पेयजल किल्लत को लेकर प्रशासन की खामोशी और नगर परिषद को समय तक न देना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है।
बैठक से गैरहाजिर पार्षद सोना नाहर ने बताया उन्हें बैठक का निमंत्रण नहीं था। पार्वती तनवर का कहना है कि निजी कार्य के चलते वह नहीं पहुंच सकी। पार्षद पुनीत शर्मा का नंबर आउट ऑफ रीच रहा। डॉ. प्रियंका का कहना है कि वह क्लीनिक चलीं गईं थीं, इसलिए बैठक अटैंड नहीं कर सकीं। देवेंद्र ठाकुर ने कहा कि बैठक की जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। कृष्णा देवी ने इस मामले में कोई रिस्पांस नहीं दिया। पार्षद नीलम ने कहा कि कुछ निजी कारणों से वह बैठक में नहीं आ सकी।

हम खुद यही चाहते हैं : एसडीओ
आईपीएच के एसडीओ सुभाष चौहान ने कहा कि विभाग खुद चाहता है कि पेयजल वितरण और लिफ्टिंग का जिम्मा किसी एक को मिल जाए। या अलग सेल बना दिया जाए जिसको दोनों विभाग रिपोर्टिंग करें। कहा कि नगर परिषद को दस लाख गैलन पानी रोज दिया जा रहा है। गाद के चलते समस्या है।
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