चंबाघाट स्थित ईएसआई डिस्पेंसरी का भवन एक सप्ताह के भीतर जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। इससे सोलन के उद्योगों में कार्यरत तीन हजार लोगों को राहत मिलेगी। वर्तमान में जगह के अभाव में लोगों को किराये के खस्ता हाल भवन में इलाज करवाना पड़ता है। लेकिन देर से ही सही अब नई सुविधाओं से लैस भवन में रोगियों का इलाज हो सकेगा।
28 नवंबर 2014 से निर्माणधीन इस ईएसआई डिस्पेंसरी को 31 जुलाई 2015 तक जनता को समर्पित करने का लक्ष्य था। लेकिन विभाग की नालायकी और ठेकेदार की धीमी रफ्तार के चलते यह निर्माण एक साल बाद पूरा हो रहा है। इस डिस्पेंसरी का निर्माण 39 लाख की लागत से किया है।
वर्तमान में यह डिस्पेंसरी डीआइसी के भवन में चल रही है। यहां पर जगह के अभाव के कारण रोगियों सहित स्टाफ के सदस्यों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस भवन में सिर्फ एक ही हॉल है, जिसमें हजारों कार्ड धारक उद्योग कर्मचारी सहित सैकड़ों ग्रामीण अपने प्राथमिक उपचार के लिए आते है। इन्हेें यहां जगह के अभाव में कमी के चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिस्पेंसरी में स्टाफ के बैठने की भी उचित व्यवस्था नहीं है।
एक ही हाल में 10 कर्मचारी दे रहे सेवाएं
डीआईसी ने डिस्पेंसरी को एक हॉल दिया है। इसमें करीब दो वर्षों से डॉक्टर सहित 10 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इन्हें जगह के अभाव में परेशानी झेलनी पड़ रही है। आलम यह है कि अलग केबिन बनाने के लिए अलमारी और दवाईयों के बॉक्स को पार्टेशन देने के लिए इस्तेमाल किया है। रोगियों को भी इससे गुजरने से परेशानी होती है। 6 हजार रुपये प्रतिमाह किराये के रूप में दिए जा रहे हैं। भवन के निर्माण में देरी के चलते करीब एक वर्ष अधिक किराया देना पड़ा।
एक हफ्ते में हो जाएगा काम पूरा : एसडीओ
एसडीओ राजेश मिन्हास ने बताया कि भवन का निर्माण जुलाई 2015 तक पूरा हो जाना था। लेकिन भवन के नक्शे में फेरबदल के चलते इस काम में देरी हो गई। अब एक सप्ताह में इस भवन को जनता के सुपुर्द कर दिया जाएगा। यह कार्य लगभग पूरा कर लिया है।