अस्पताल में मरीजों को उठानी पड़ रही दिक्कत,तीन वर्ष से रेडियोलॉजिस्ट का पद भी चल रही खाली
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ । उपमंडल का सबसे बड़ा नालागढ़ अस्पताल विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। इससे उपचार के लिए आने वाले रोगियों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही है। रोगियों को चिकित्सालय में पर्याप्त सुविधा न मिलने से उपचार के लिए निजी अस्पतालों व क्लीनिक का रुख करना पड़ रहा है। उधर, बीएमओ डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने कहा कि रिक्त पदों की सूचना समय समय पर विभाग को दी गई है। खासतौर पर एमडी मेडिसन सहित ईएनटी, रेडियोलॉजिस्ट के पद रिक्त चलने से रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की ओर से एक अन्य चिकित्सक को रेडियोलॉजिस्ट का प्रशिक्षण दिया गया है। वर्तमान में यह चिकित्सक जरूरी अल्ट्रासाउंड कर रहा है। स्त्री विशेषज्ञ पहले दो चिकित्सक थे, इसमें से एक डॉक्टर के चले जाने के बाद अब एक ही कार्यभार संभाले हुए हैं। एक चिकित्सक होने के चलते उपचार करवाने आने वाली महिलाओं को भीड़ ज्यादा होने पर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। जानकारी के अनुसार नालागढ़ अस्पताल में कई विशेषज्ञ चिकित्सकों के महत्वपूर्ण पद खाली चल रहे हैं, इसमें से एमडी मेडिसन व रेडियोलॉजिस्ट, ईएनटी का पद रिक्त चल रहा हैं। अस्पताल के दो स्पेशलिस्ट डॉक्टर अपना अनुबंध पूरा करने के बाद पहले इस्तीफा दे चुके हैं और अभी तक यह पद भरे नहीं गए हैं। जबकि एमडी मेडिसन भी आगामी पढ़ाई के लिए जा चुकी है, यह पद भी कई माह से रिक्त पड़ा है। गत वर्ष अगस्त माह में प्रदेश सरकार ने राज्य के आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में मेडिकल ऑफिसरों के भरे जाने की घोषणा की थी इसमें नालागढ़ में 6 पद भरे जाने थे, लेकिन 8 माह बीत जाने के बाद भी ये पद अभी भरे नहीं गए।
800 से 900 की ओपीडी होती है रोजाना
नालागढ़ अस्पताल उपमंडल का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां दूरदराज व पहाड़ी क्षेत्रों से मरीज उपचार करवाने आते हैं। अस्पताल में हर रोज 800 से 900 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। ईएनटी, एमडी मेडिसन व अन्य से संबंधित रोगियों को उपचार के लिए निजी या फिर पड़ोसी राज्यों के अस्पतालों को रुख कर रहे हैं। कई मरीज निजी चिकित्सालय में जाने को बाध्य हो गए हैं। नालागढ़ विकास मंच के अध्यक्ष नरेश घई ने बताया कि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से रोगियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने मांग उठाई कि जल्द विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद भरे जाएं।