रागी के सिडडू तैयार करने वाली आशा देवी।
स्वयं सहायता समूह की सदस्य आशा देवी बोलीं, सिड्डू के अंदर सूखे फलों और दालों का किया जा रहा प्रयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। मालरोड पर अब रागी से बने सिड्डू और मोमोज लोगों के स्वास्थ्य को बनाए रखने और बीमारियों से लड़ने में मदद कर रहे हैं। स्वयं सहायता समूह बंधण की ओर से तैयार किए जा रहे इन उत्पादों में सूखे फल और दालों से बना मसाला डाला जाता है, जो शरीर को तंदुरुस्त बनाने में सहायक है।स्वयं सहायता समूह की सदस्य आशा देवी ने कहा कि रागी मोटे अनाजों में से एक है। उन्होंने दावा किया है कि इससे बने उत्पादों के सेवन से पाचन शक्ति बढ़ती है और हड्डियां मजबूत होती हैं। इसके अलावा, बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। आशा देवी और उनके समूह की छह अन्य सदस्य घर पर मिलकर इन उत्पादों को तैयार करती हैं। मालरोड पर उनके स्टॉल पर रागी के सिड्डू, मोमोज, आटे के सिड्डू के अलावा आम, अदरक, नींबू और अन्य प्रकार के आचार भी बेचे जाते हैं। आचार में तेल की मात्रा कम रखी गई है ताकि लोगों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न हो। आशा देवी ने बताया कि उनके स्टॉल मालरोड पर शुक्रवार और शनिवार को लगाया जाता है। इसके अलावा, उन्होंने शिमला के विंटर कार्निवल और लवी मेले में भी स्टॉल लगाया, जहां गोंद के लड्डू बेचे गए। मालरोड में सबसे ज्यादा रागी के मोमोज की बिक्री होती है, इसके साथ ही लोग उनके आचार की खरीदारी भी करते हैं।