19 जनवरी 2027 के बाद विस्तार या नवीनीकरण नहीं देने की उठाई मांग
ग्राम सभा ने बैठक मेंपारित किया प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। माजरा गांव स्थित शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड के कचरा प्लांट को लेकर ग्रामीणों ने अब अपने संघर्ष को एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचाते हुए ग्राम सभा की विशेष बैठक अध्यक्ष गुरचरण सिंह के नेतृत्व में की। इसमें प्लांट की संचालन अवधि बढ़ाने अथवा इसके नवीनीकरण के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है। बैठक में ग्रामीणों ने प्लांट को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करवाते हुए प्रशासन और सरकार से निर्धारित अवधि के बाद संचालन की अनुमति न देने की मांग की।
ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित किया गया कि 19 जनवरी 2027 को परियोजना की निर्धारित 20 वर्ष की संचालन अवधि पूरी हो रही है। इसके बाद प्लांट को किसी भी प्रकार का संचालन विस्तार अथवा नवीनीकरण नहीं दिया जाना चाहिए। ग्राम सभा ने यह भी मांग की है कि संचालन अवधि समाप्त होने के बाद कंपनी को नया ठोस अपशिष्ट, औद्योगिक अपशिष्ट, जैव-चिकित्सकीय कचरा, ई-कचरा, प्लास्टिक कचरा, खतरनाक अपशिष्ट अथवा किसी अन्य प्रकार का कचरा स्वीकार करने की अनुमति नहीं दी जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में कंपनी की ओर से संचालन अवधि बढ़ाने, क्षमता विस्तार या लीज में संशोधन का प्रयास किया जाता है तो ग्राम सभा की पूर्व लिखित सहमति के बिना ऐसा कोई फैसला न लिया जाए। साथ ही प्रभावित पंचायतों की सार्वजनिक सुनवाई करवाकर स्थानीय लोगों की राय को भी निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
ग्रामीणों ने प्लांट से संबंधित पर्यावरणीय एवं जनस्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को भी प्रस्ताव में प्रमुखता से उठाया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट के कारण दुर्गंध, प्रदूषण, जल एवं भूजल की गुणवत्ता तथा स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे हैं। ग्राम सभा ने संबंधित विभागों से इन पहलुओं पर गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की है। इस मौके पर जिला परिषद सदस्य शीला ठाकुर के अलावा माजरा संघर्ष समिति की अध्यक्ष रितु देवी सतवंत कौर तथा समूह नगर निवासी हुआ संघर्षकारी महिलाएं तथा गांववासी मौजूद थे। जिला परिषद सदस्य शीला ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित हुई।
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मेडिकल सर्वे व साइट सूटेबिलिटी रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक करे प्रशासन : गौरव राणा
पंजाब मोर्चा के संयोजक गौरव राणा ने कहा कि ग्राम सभा के इस प्रस्ताव का स्वागत करते हैं। ग्राम सभा की आवाज को प्रशासन और सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। बीते दिनों उपायुक्त के साथ नालागढ़ में संघर्षकारी लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में प्रभावित क्षेत्र में मेडिकल सर्वे करवाने सहित कई आदेश पारित हुए थे, लेकिन अभी तक मेडिकल सर्वे और साइट सूटेबिलिटी रिपोर्ट सामने नहीं आ रही। प्रशासन तुरंत इस दिशा में कदम उठाए और रिपोर्ट सार्वजनिक करे, अन्यथा हम संघर्ष को और मजबूत करने की तरफ बढ़ेंगे।