सेंटर के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग को दी मंजूरी
स्वास्थ्य विभाग जल्द करेगा कंडाघाट में जगह का चयन
वर्तमान में सोलन अस्पताल भेजे जा रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत मिलने वाली है। जिले के कंडाघाट अस्पताल में अब जल्द ही नया डायलिसिस सेंटर खुलने जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल की ओर से भी स्वास्थ्य विभाग को मंजूरी मिल चुकी है। इसके बनने के बाद मरीजों को डायलिसिस के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और निशुल्क डायलिसिस की भी सुविधा मिलेगी।
वर्तमान में जिले में कुछ ही सरकारी अस्पतालों में मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिल रही है। ऐसे में सैकड़ों मरीजों को डायलिसिस करवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। वहीं क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में भी डायलिसिस सेंटर के बाहर बारी के इंतजार में मरीजों की कतारें लगी रहती है। वहीं यदि किसी मरीज को आपातकालीन स्थिति में डायलिसिस करवाना पड़े, तो उन्हें निजी अस्पतालों और डायलिसिस सेंटरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में मरीजों को निशुल्क डायलिसिस की सुविधा मिलती है। वहीं निजी अस्पतालों और डायलिसिस सेंटरों में मरीजों को एक बार डायलिसिस करवाने के लिए 3000 से 6000 रुपये से तक खर्च करने पड़ रहे हैं। बीते सप्ताह हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया गया था। वहीं मरीजों को सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शांडिल ने स्वास्थ्य विभाग को इसपर काम करने के लिए कहा था। वहीं विभाग की ओर से भी इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
इनसेट
सोलन अस्पताल में आठ
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में इस समय डायलिसिस सेंटर में आठ बिस्तरों की सुविधा है। इसमें प्रतिदिन लगभग 16 मरीजों के ही डायलिसिस किए जाते हैं। ऐसे में यदि कोई आपात स्थिति में डायलिसिस करवाना चाहे, तो उसे निजी अस्पतालों की ओर भेज दिया जाता है।
कोट
रोगी कल्याण समिति की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कंडाघाट में डायलिसिस सेंटर बनाने के लिए मंजूरी दी है। अभी स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रारंभिक तैयारियां की जा रही है। वहीं मरीजों को सुविधा देने के लिए विभाग जल्द ही डायलिसिस सेंटर को तैयार करने की कोशिश करेगा। इसके बाद मरीजों को सुविधा मिलेगी। - डॉ. अजय पाठक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग सोलन