बिना सूचना कर्मचारियों को बाहर करने का आरोप, निकाले कामगार हिमाचली
संवाद न्यूज एजेंसी
काठा औद्योगिक क्षेत्र के साबुन उद्योग में तालाबंदी, 37 कर्मचारियों को निकाला
बरोटीवाला(सोलन)। काठा औद्योगिक क्षेत्र के एक साबुन उद्योग में प्रबंधन पर बिना सूचना तालाबंदी करने का आरोप है। इससे 37 कर्मचारियों को काम से निकाल दिया गया है, जिनमें अधिकांश हिमाचली बताए जा रहे हैं। शुक्रवार को इंटक फेडरेशन के बैनर तले कर्मचारियों ने उद्योग के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और श्रम विभाग में शिकायत दर्ज कराई।
कर्मचारियों का आरोप है कि वे लंबे समय से उद्योग में कार्यरत थे। प्रबंधन ने शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे अचानक उद्योग के गेट पर ताला लगा दिया। कर्मचारियों के अनुसार, उद्योग और उनके बीच 12 अगस्त को एक बैठक तय थी। इसके बावजूद बैठक से पहले ही उद्योग बंद कर दिया गया।
पुराने कर्मचारियों को बिना नोटिस बाहर कर कुछ नए कर्मचारियों को ईएसआईसी के कोड बदलकर दोबारा काम पर रखा गया। इंटक फेडरेशन के प्रदेश महासचिव हरबंस राणा ने इस कार्रवाई को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना कर्मचारियों को निकालना श्रम कानूनों का उल्लंघन है। राणा ने आरोप लगाया कि हिमाचली कर्मचारियों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।
श्रमिकों के शोषण और न्यूनतम वेतन का मुद्दा
हरबंस राणा ने यह भी आरोप लगाया कि कई उद्योगों में मजदूरों को अभी भी करीब 12,750 रुपये का न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने इसे श्रमिकों के साथ धोखा करार दिया। राणा ने सरकार से इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने श्रमिकों को उनका कानूनी हक दिलाने और शोषण करने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही।
श्रम विभाग की प्रतिक्रिया और बद्दी में अधिकारी की मांग
राणा ने बद्दी में एक श्रम अधिकारी की नियुक्ति की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि बद्दी प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है, जहां श्रमिकों की समस्याओं के लिए पर्याप्त व्यवस्था चाहिए। श्रम निरीक्षक अमित ठाकुर ने बताया कि उद्योग और कर्मचारियों के बीच 12 अगस्त को बैठक के निर्देश थे। ठाकुर ने कहा कि यदि प्रबंधन ने श्रम कानूनों का उल्लंघन किया है, तो जांच के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई होगी।