कोठों स्थित कला केंद्र में परमार जयंती पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम में बोले उपायुक्त सोलन
हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शिमला ने किया आयोजन
साहित्यकारों ने विलुप्त होती जा रही स्थानीय बोलियों पर की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल कला संस्कृति भाषा आकादमी शिमला की ओर से परमार जयंती पर सोलन कोठों स्थित कला केंद्र में राज्य स्तरीय साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि स्थानीय बोलियां को नई पीढ़ी में प्रचलित और प्रोत्साहित करने के लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता है। हम सभी भाषाओं का सम्मान करते हुए स्थानीय बोलियां को अधिक अधिमान दें ताकि विलुप्त होती हुई इन बोलियां को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में इसके प्रचार प्रसार की अत्यधिक आवश्यकता है। सचिव अकादमी एवं निदेशक भाषा एवं संस्कृत विभाग रीमा कश्यप ने कहां कि डॉ. यशवंत सिंह परमार से जुड़ी स्मृतियों को संकलित कर दस्तावेज का रूप देने के लिए विभाग हमेशा तत्पर रहता है। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में शोध पत्र और परिचर्चा का आयोजन किया गया। इसमें पहाड़ी भाषा, लोक संस्कृति प्रेमी डॉ. यशवंत सिंह परमार विषय पर आचार्य डॉ. ओमप्रकाश ने शोध पत्र पढ़ा। उन्होंने अपने शोध पत्र में डॉ. परमार के पहाड़ी प्रेम और लोक संस्कृति, लोकानुरंजन और व्यंजनों और आमजन के प्रति दर्शाते हुए प्रेम की अभिव्यक्ति बहुत ही सुंदर शब्दों में की। श्रीनिवास जोशी, वीरेंद्र शर्मा वीर, फिल्म कलाकार रंगकर्मी एवं निर्देशक संजय सूद, प्रेम लाल गौतम ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर भारती नेगी, प्रेमलाल गौतम, सहायक सचिव अकादमी डॉ. श्यामा वर्मा, जिला भाषा अधिकारी ममता वर्मा, स्वतंत्र कौशल, अधीक्षक राकेश कुमार, रवि कुमार, जिला भाषा अधिकारी की कार्यालय सहायक ममता ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रही।