फंड के कथित दुरुपयोग और विवादास्पद फैसलों पर वकीलों ने उठाए गंभीर सवाल
बार काउंसिल की स्वायत्तता और पारदर्शिता बनाए रखने की भी उठाई गई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कंडाघाट(सोलन)। कंडाघाट न्यायालय परिसर में शनिवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने एक विशेष हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस दौरान वकीलों ने बार काउंसिल की स्वतंत्रता, स्वायत्तता, पारदर्शिता और जवाबदेही के समर्थन में एकजुटता दिखाते हुए हस्ताक्षर किए।
प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने बीसीआई के फंड के कथित दुरुपयोग और बार की स्वायत्तता को प्रभावित करने वाले हालिया निर्णयों पर कड़ा एतराज जताया। वकीलों ने विशेष रूप से नालसार यूनिवर्सिटी के कानून छात्रों के नामांकन से जुड़े विवादास्पद आदेश का मुद्दा उठाया। वकीलों का कहना था कि गलत फैसलों को केवल वापस ले लेना ही काफी नहीं है, बल्कि इस पूरी निर्णय प्रक्रिया की जांच और संस्थागत जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
अधिवक्ताओं ने कहा कि बीसीआई अध्यक्ष का पद बार की गरिमा, स्वतंत्रता और नियामकीय निष्पक्षता का सर्वोच्च संरक्षक होता है। इस पद पर बैठे व्यक्ति से उच्च नैतिक जिम्मेदारी और निष्पक्षता की उम्मीद की जाती है। वकीलों ने सभी विवादित मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और बीसीआई अध्यक्ष के तत्काल इस्तीफे की मांग की। इस हस्ताक्षर अभियान में प्रमुख रूप से अधिवक्ता राजीव शर्मा, ललित बंसल, जगदीश चंद, नरेश कुमार, दीनानाथ कौंडल, रजनीश शांडिल, राजन पाठक, पुनीत चौहान सहित अन्य स्थानीय अधिवक्ता मौजूद रहे।