संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर मूसलाधार बारिश के बीच फिर पहाड़ियां दरकना शुरू हो गई हैं। पत्थरों के सड़क पर आने से परवाणू से कंडाघाट तक कई जगह पहाड़ी साइड की लेन को बंद कर ट्रैफिक दूसरी लेन में डायवर्ट करना पड़ा।
शनिवार रात भर हुई बारिश से टीटीआर, दत्यार, जाबली, रेल ओवरब्रिज सनवारा, कुमारहट्टी, बड़ोग बाईपास, मनसार और डेढ़ घराट के समीप पहाड़ियों से पत्थर और मलबा सड़क तक पहुंच गया। हालांकि इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है।
इस बीच कुछ समय के लिए एनएच पर जाम की समस्या बनी। इसके बाद फोरलेन कंपनी के कर्मचारियों और पुलिस जवानों ने मौके पर पहुंच कर यातायात को बहाल किया। बारिश के बीच सड़क पर गिर रहे पत्थरों को हटाने का कार्य भी किया गया।
शनिवार शाम 6:00 बजे से रविवार दोपहर तक हुई बारिश के कारण एनएच की पहाड़ियां दरकना शुरू हो गई हैं। इसके चलते रविवार सुबह करीब 5:00 बजे टीटीआर से सनवारा तक कंपनी ने वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए पहाड़ी की तरफ वाली लेन को बंद कर दिया है।
कुमारहट्टी टनल से हिल इन होटल, मनसार और ढेड़घराट के पास हाईवे वनवे करना पड़ा। वहीं मौके पर कंपनी और पुलिस जवानों की भी तैनाती की गई है। हालांकि बारिश के कम होने के बाद फोरलेन निर्माता कंपनी की टीम ने हाईवे से पत्थर हटाकर सड़क को सुचारु किया। शाम 4:30 बजे तक परवाणू से सोलन तक दोनों लेन से ट्रैफिक शुरू हो गया था।
जाबली में टकराईं गाड़ियां
बारिश के बीच पहाड़ी से पत्थर आने के बाद वनवे ट्रैफिक होने से जाबली में कार और पिकअप की टक्कर हो गई। इस टक्कर में कार का काफी नुकसान हुआ है। कार में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर मामले को सुलझाया है।
परवाणू से सोलन तक जिन जगहों पर पहाड़ियों के दरकने का खतरा बना है। उन जगहों पर कंपनी ने कर्मचारियों की तैनाती की है। यातायात प्रभावित न हो इसेे देखते हुए कुछ देर के लिए वाहनों को दूसरी लेन में डायवर्ट किया था।
- ई. बलविंद्र सिंह
प्रोजेक्ट मैनेजर, ग्रील कंपनी