बाजार से महंगे दामों पर खरीदने को मजबूर महिलाएं
गर्भवती व धात्री महिलाओं के लिए जरूरी है आयरन, कैल्शियम की टेबलेट
एचआर धीमान
नालागढ़ (सोलन)। क्षेत्र में गर्भवती और धात्री महिलाओं को विभाग की ओर से मिलने वाली कैल्शियम और आयरन की गोलियां पिछले एक साल से उपलब्ध नहीं हो रही हैं। पहले स्वास्थ्य कार्यकर्ता इन दवाओं को घर-घर पहुंचाते थे, लेकिन अब महिलाओं को बाजार से महंगे दामों पर इन्हें खरीदना पड़ रहा है। दवाइयों की कमी के कारण महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं, अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी लंबे समय से बंद है, जिससे जांच के लिए निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। धात्री और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी पोषण के लिए जरूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि उपस्वास्थ्य केंद्रों में केवल आयरन की गोलियां दी जा रही हैं, जबकि कैल्शियम की गोलियां उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में उन्हें बाजार से महंगे दामों पर इन्हें खरीदना पड़ता है। उत्तम स्वयं सहायता समूह डाडी भोला की प्रधान किरना देवी ने कहा कि कैल्शियम गर्भस्थ शिशु और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए बेहद जरूरी है। इसके साथ ही आयरन की गोलियां भी मां और शिशु के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। महिला मंडल निक्कूवाल की अध्यक्ष रिश्मा कौशिक ने बताया कि उपस्वास्थ्य केंद्रों में अधिकतर गरीब और प्रवासी महिलाएं आती हैं। दवाएं न मिलने के कारण उन्हें बाजार से 150 से 400 रुपये तक में कैल्शियम की गोलियां खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
जल्द सुधरेगी दवाओं की आपूर्ति
कुछ समय के लिए आयरन और कैल्शियम दवाओं की कमी हो गई थी, लेकिन अब नया ऑर्डर आ चुका है। जल्द ही जिले में दवाओं की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी, ताकि महिलाओं को राहत मिल सके।
डॉ. अजय पाठक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन