कंडाघाट (सोलन)। किसानों का आंदोलन अब हिमाचल में भी जोर पकड़ने लगा है। केंद्र सरकार के बनाए तीन किसान कानूनों को प्रदेश के किसान व किसान संगठन घातक मान रहे हैं। इस बीच किसानों के संगठन विरोध व अपने हकों की लड़ाई में उतरना शुरू हो गए हैं। किसान संगठन हिमाचल किसान सभा की क्षेत्रीय इकाई वाकनाघाट के सचिव अशोक ठाकुर ने कहा कि ममलीग में किसान विरोधी विधेयक के विरोध में प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन में करीब पचास किसानों ने भाग लिया। कहा कि केंद्र सरकार ने तीन किसान विरोधी विधेयक पारित किए हैं जिसका उद्देश्य पूरे भारतवर्ष के किसानों की जमीन को उद्योगपतियों के हवाले करने का है। इन विधेयकों में बहुत सारी ऐसी बातें कहीं गई हैं जो किसानों के हित में नहीं है। इन तीनों विधेयकों का पूरे भारतवर्ष में किसानों के संगठन व अन्य जनवादी संगठन भरपूर विरोध कर रहे हैं।
पंजाब, हरियाणा व देश के अन्य राज्यों के किसान विधेयकों का विरोध कर रहे हैं। हिमाचल किसान सभा पूरे प्रदेश के अंदर विभिन्न जगहों पर किसान विरोधी विधेयकों का विरोध कर रही है। तीनों किसान विरोधी विधेयकों को रद्द करने की मांग उठाई। इस अवसर पर पदम सिंह कंवर, तेजराम चौहान, अशोक वर्मा, प्यारेलाल वर्मा, बालकृष्ण, ओम चंद वर्मा, नेकराम शर्मा, राकेश शर्मा, सोहनलाल, जगदीश चंद, अजय ठाकुर मौजूद रहे।