पॉक्सो एक्ट के तहत नालागढ़ में हुआ था मामला दर्ज
तीन अलग-अलग मामलों में किया सजा और जुर्माना
यूपी का रहने वाला है दोषी, 15 गवाहों ने की मामले की पैरवी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) गुरमीत कौर की अदालत ने बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषी को तीन अलग-अलग मामलों में 15,000 रुपये जुर्माना अदा करना होगा। जुर्माना अदा न करने के एवज में दोषी को दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास काटना पड़ेगा। दोषी रामपाल निवासी पूर्वा, तहसील धौरहरा, विकास खंड रामिया बेहड़, जिला लखीमपुर खीरी यूपी का रहने वाला है।
जिला उप न्यायवादी पीएस नेगी ने बताया कि मामला नालागढ़ क्षेत्र का है। जहां पर 14 अगस्त 2020 को दोषी ने 12 वर्षीय बच्ची का नालागढ़ से अपहरण किया। बच्ची यहां पर अपने परिजनों के साथ किराये के कमरे में रहती थी। अपहरण के बाद बच्ची को अपने घर आगरा यूपी ले गया। जहां उसके साथ उसने दुष्कर्म किया। इसके बाद परिजनों ने मामला नालागढ़ पुलिस थाना में दर्ज करवाया। सहायक उपनिरीक्षक रतन लाल, उपनिरीक्षक दिलबाग सिंह और धीरज सिंह ने मामले की छानबीन की।
मामले की पैरवी के दौरान कुल 15 गवाह अदालत में पेश किए। इसके बाद दोषी को सजा सुनाई गई। इसमें दुष्कर्म मामले में 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ 10,000 रुपये जुर्माना अदा करना होगा। जुर्माना न देने की स्थिति में दो माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। वहीं अपहरण मामले में तीन साल के कठोर कारावास के साथ 2500 रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने के एवज में एक माह का कठोर कारावास भुगतना होगा। नाबालिग किशोरी को जबरदस्ती साथ ले जाने के मामले में पांच साल के कठोर कारावास के साथ 2500 रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने की स्थिति में दो माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।