फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कौशल्या खड्ड सूखने से परवाणू में जलसंकट गहराया

Mon, 01 May 2017 10:02 PM IST
सोलन,परवाणू, ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल के प्रवेश द्वार पर बसे प्रदेश के मुख्य औद्योगिक शहर परवाणू के लोगों को आने वाले दिनों में पेयजल किल्लत से खासी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। आलम यह है कि हिमुडा के पास शहर में पेयजल सप्लाई का एकमात्र स्रोत कौशल्या खड्ड है। बढ़ती गर्मी के चलते कौशल्या खड्ड अब सूखने की कगार है। इसके हिमुडा को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल रहा।
विज्ञापन

 
हिमुडा वर्तमान में लोगों को एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई दे रहा है। शहर में घरेलू और व्यावसायिक करीब 2700 कनेक्शन हैं जिनके लिए हिमुडा को हर रोज करीब 800 गैलन पानी की सप्लाई करनी पड़ती है। लेकिन पानी की कमी को देखते हुई अब यह सप्लाई करीब 6 लाख गैलन तक पहुंच गई है। शहर में पानी के टैंकर सप्लाई करने वालों ने भी टैंकर के रेट बढ़ा दिए हैं। पहले जहां पानी का टैंकर 500 से 600 रुपये तक मिल रहा था अब यह 700 से 800 रुपये तक मिल रहा है।

डैम बनाने का कार्य अभी तक नहीं हुआ पूरा
लगभग 3 साल से केंद्र सरकार की सात करोड़ रुपये की लागत से पेयजल सुधारीकरण योजना हिमुडा अभी तक तैयार नहीं करवा पाया है। इस पैसे से खड्ड पर चेक डेम बनाया जाना है। लेकिन यह कार्य शुरू नहीं हुआ। यही कारण है परवाणू शहर के लोग हर साल गर्मी के सीजन में पेयजल किल्लत झेलने को मजबूर हैं।
विज्ञापन


30 साल बाद भी हिमुडा नहीं ढूंढ पाई पानी का स्रोत
स्थानीय निवासी हरी कृष्ण, बलदेव, राजिंदर सिंह और सुधीर कुमार ने कहा कि इस पेयजल योजना को बने लगभग 40 साल से ज्यादा समय हो चुका है। लेकिन हैरानी की बात है कि हिमुडा अभी तक पानी का दूसरा स्रोत नहीं ढूंढ सका। कई लोग शहर में बोर बेल लगा रहे हैं और पानी बेचने का काम करते हैं। प्रदेश युवा इंटक के अध्यक्ष यशपाल ठाकुर ने कहा कि इस संकट की घड़ी में हिमुडा को शहर में चल रहे सभी बोरवेलों को अपने कब्जे में ले लेना चाहिए।

जलस्तर गिरने से हो रही दिक्कत
हिमुडा के अधिशासी अभियंता आरसी भाटिया ने बताया कि कौशल्या नदी में पानी का स्तर प्रतिदिन गिरता जा रहा है। इसके चलते योजनाबद्ध तरीके से पानी की सप्लाई दी जा रही है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें