चामत-भड़ेच के दयारशघाट में कलश यात्रा के दौरान महिलाएं। संवाद
चामत-भड़ेच के गांव दयारशघाट में 10 दिन तक होगा आयोजन
कथा सुनने से सभी भौतिक सुखों की होती है प्राप्ति : आचार्य राहुल
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर के साथ लगती ग्राम पंचायत चामत-भड़ेच के गांव दयारशघाट में 10 दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा शुरू हो गई है। कथा से पहले महिलाओं ने गांव में कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा का लोगों ने जगह-जगह स्वागत किया। इसी के साथ मां ज्वाला मंदिर से लाई गई सांची ज्योत का भी स्वागत किया। इसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कथा शुरू हुई।
पहले दिन आचार्य राहुल शर्मा ने बताया कि श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा सभी भौतिक सुखों को प्रदान करने वाली और अंत समय में मोक्ष प्रदान करने वाली है। उन्होंने श्रोताओं को जन्मेजय की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि तक्षक नाग के काटने से जब परीक्षित के प्राण छूटे तो उनके पुत्र जन्मेजय सिंहासन पर बैठे। इसके बाद उन्होंने सर्पों को सृष्टि से समाप्त करने के लिए यज्ञ शुरु किया और सर्पों की आहुतियां देने लगे। पिता की मृत्यु का बदला लेने के लिए वह अधर्म करने लगे। इस पर भगवान व्यास जी ने उन्हें सावधान किया और ऐसा करने से रोका। भगवान व्यास ने उनका शोक दूर करने के लिए स्वयं श्रीमद् देवी भागवत महापुराण का श्रवण करवाया। इसके बाद जन्मेजय शोकमुक्त हुए और सभी सुखों का भोग करते हुए मोक्ष को प्राप्त हुए। कथा में भजन माध्यम से माहौल भक्तिमय रहा। देव विजेश्वर के प्रांगण में श्रीमद् देवी भागवत महापुराण व शतचंडी पाठ का आयोजन 14 जनवरी तक होगा।