सोलन/ कुनिहार। जिला सोलन में पीलिया के मामले निरंतर सामने आ रहे हैं। वहीं कैंसर या अन्य बीमारी से ग्रसित लोगों के लिए पीलिया जल्दी मौत का कारण बन रहा है। अर्की की धुंदन पंचायत के बाद कैंसर के एक और रोगी की पीलिया की चपेट में आने से मौत हो गई है।
चिकित्सकों ने मृतक की पहचान घयाना गांव की 65 वर्ष की महिला रामकली के रूप में की है। रामकली को गाल ब्लेडर का कैंसर भी था। इसके चलते वह पीलिया की चपेट में आ गई। महिला का पिछले कुछ दिन से शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में इलाज चल रहा था। बीएमओ अर्की एसएल वर्मा ने मामले की पुष्टि की है। कहा कि गाल ब्लैडर में कैंसर होने पर पीलिया होना स्वाभाविक होता है। कुनिहार क्षेत्र में पीलिया से होने वाली मौत का यह दूसरा मामला है। अर्की तहसील में एक हफ्ते में पीलिया से दूसरी मौत है।
पीलिया का खौफ : जिले के
सभी स्कूलों में अलर्ट जारी
पानी की टंकियां साफ करने की कड़े निर्देश
बच्चों को घर से उबला हुआ पानी लाने की हिदायत
अभिभावकों के साथ आयोजित बैठक में दिए निर्देश
कोठी देवरा स्कूल में टंकियों की सफाई व्यवस्था जांची
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। पीलिया के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों में अलर्ट जारी कर दिया है। शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि छात्रों को साफ पानी मुहैया करवाने के लिए अभिभावकों के साथ बैठक करें। बेहतर यह है कि छात्र स्कूलों के पानी को छोड़कर घर से बीस मिनट तक उबला हुआ पानी साथ में आएं।
पानी को लेकर किसी तरह की अनियमितता पाए जाने पर स्कूल मुखियाओं पर तुरंत कार्रवाई के आदेश हैं। वहीं स्कूलों में पानी की टंकियों की साफ सफाई और व्यवस्था जानने के लिए उपनिदेशक औचक निरीक्षण पर हैं।
सोमवार को कोठी देवरा, मनलोग तथा कंडाघाट स्कूल का निरीक्षण किया गया। उधर, जिला प्रशासन ने जिले में कार्यरत विभिन्न महाविद्यालयों, विद्यालयों सहित के अलावा कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद सोलन, परवाणू, बद्दी एवं नालागढ़ को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में पानी की टंकियों की पूर्ण सफाई सुनिश्चित बनाएं।
यह हैं निर्देश
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी संदीप नेगी द्वारा जारी निर्देशों में उप निदेशक शिक्षा, उच्च एवं प्रारंभिक, प्रधानाचार्य डाइट, प्रधानाचार्य एससीईआरटी, प्रधानाचार्य राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सोलन, प्रधानाचार्य संस्कृत महाविद्यालय, प्रधानाचार्य उर्दू टीचिंग सेंटर सोलन, प्रधानाचार्य आईटीआई सोलन, अर्की, एवं नालागढ़ तथा विभिन्न नगर परिषदों के कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने अधिकार क्षेत्र एवं शिक्षण संस्थानों में पेयजल की पानी की टंकियों की पूर्ण सफाई की जाए।
डॉक्टर से परामर्श
के बाद लें दवाई
जिला प्रशासन ने पीलिया के दृष्टिगत एहतियाती उपाय अपनाते हुए पहले ही अश्वनी खड्ड से जलापूर्ति पर रोक लगा रखी है। सभी क्षेत्रों में पेयजल की कलोरीनेशन एवं सुपर कलोरीनेशन की जा रही है। जिला प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे पानी को कम से कम 20 मिनट तक उबालने के बाद ही पीएं। समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन करें। सभी नागरिकों को पास के स्वास्थ्य संस्थानों में जाकर चिकित्सक से परामर्श के बाद ही दवाई लेने की भी सलाह दी है।