फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुखी रहने के लिए मोह माया त्यागना जरूरी : आचार्य

विज्ञापन
विज्ञापन
रामकथा के चौथे दिन श्रीराम की बाल लीलाओं का किया बखान
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी

सोलन। सोलन विधानसभा क्षेत्र की चामत भड़ेच पंचायत के दयारशघाट में श्रीराम कथा और शतचंडी महायज्ञ में चौथे दिन आचार्य राहुल शर्मा ने राम की बाल लीलाओं का बखान किया। उन्होंने रामजन्म से लेकर ऋषि विश्वामित्र के साथ उनके आश्रम जाने तक की कथा सुनाई।
आचार्य राहुल बताया कि सुखी जीवन के लिए मोह-माया का त्याग करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि माया ने हमें नहीं पकड़ा, बल्कि हमने स्वयं माया को अपने साथ रखा है। उन्होंने यह भी बताया कि सबकुछ होते हुए भी माया के साथ निर्लिप्त रहना ही श्रेष्ठ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कथा में राम जन्म के बाद उनके बाल लीलाओं का विशेष रूप से वर्णन किया गया। जब मुनि विश्वामित्र राक्षसों से त्रस्त होकर राजा दशरथ के पास आते हैं और राम व लक्ष्मण को उनके साथ भेजने का अनुरोध करते हैं, तो राजा दशरथ विचलित हो जाते हैं। वे कहते हैं कि तुम मेरा सबकुछ ले लो, मेरे प्राण तक ले लो, लेकिन राम को मैं अपने से अलग नहीं कर सकता। कुलगुरु वशिष्ठ के समझाने पर राजा दशरथ मान जाते हैं। इसके बाद राम व लक्ष्मण ने ताड़का सहित अन्य राक्षसों का वध किया और ऋषियों को भयमुक्त किया।
कथा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई और भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। रामकथा और शतचंडी महायज्ञ 26 जनवरी तक चलेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें