सरकार और विभाग करें एनसीटीई के नियमों का पालन
नए नियमों के आधार पर शास्त्री भर्ती करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शिक्षा विभाग द्वारा शास्त्री भर्ती प्रक्रिया को स्थगित करने पर टीजीटी शास्त्री बेरोजगार संघ ने रोष जताया है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है, जबकि उच्च न्यायालय ने भर्ती प्रक्रिया को जारी रखने के आदेश दिए थे। कहा कि शिक्षा विभाग के इस आदेश ने हजारों प्रशिक्षित बेरोजगार शास्त्री अभ्यर्थियों के साथ धोखा किया है, जोकि लंबे समय से रोजगार की आस लगाए बैठे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार इस बार एनसीटीई के नियमानुसार शास्त्री अध्यापकों की भर्ती करने जा रही है। हालांकि कुछ अप्रशिक्षित शास्त्री अध्यापक इस विषय को लेकर उच्च न्यायालय भी पहुंच गए थे, लेकिन उच्च न्यायालय ने इस भर्ती को जारी रखने के निर्देश विभाग को दिए थे, फिर भी शिक्षा विभाग ने इस भर्ती प्रक्रिया को बीच में ही स्थगित कर दिया, जोकि बहुत ही अशोभनीय है। कहा कि यदि सरकार बिना बीएड के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देती है तो यह एनसीटीई के नियमों और उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना होगी।
संघ के सदस्यों में कमल शर्मा, अंकुर, दीपक शर्मा, संदीप कुमार, जगजीत सिंह राणा, अरुण शर्मा, रजनीश कुमार, नरेश शर्मा, शुभम, अरुण, अश्वनी कुमार, मनसा राम, प्रदीप रमेश, सेवक राम, हेमराज, शिव कुमार, अजय कुमार, विवेक शर्मा, विकास कुमार, उषा, शशि, शिवकुमार, आशीष कुमार, मधु बाला, सुमन, रंजना देवी आदि ने सरकार से यह आग्रह किया है कि नए नियम सर्वथा उचित हैं, अत: नए नियमों के आधार पर ही शास्त्री कीभर्ती की जाए और शास्त्री भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए दोबारा शेड्यूल जल्द से जल्द जारी किया जाए, ताकि इस भर्ती प्रक्रिया को समय पर पूरा किया जा सके।