कृषि उपनिदेशक ने मामले की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के अर्की में किसानों को बेचा मक्की के प्रमाणित बीज के खराब निकलने के मामले में कृषि विभाग की जांच पूरी हो गई है। इसमें विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण कर पाया कि कुछ किसानों का बीज खराब हुआ है।
उसमें कम पैदावार हुई है। ऐसे में विभाग ने मौके पर संबंधित कंपनी के अधिकारियों को भी बुलाया और किसानों के खेत दिखाए। वहीं संबंधित कंपनी को 1.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही जिन किसानों की फसल खराब हुई, उन्हें उचित मुआवजा भी मौके पर ही दिला दिया गया और मक्की का बीज भी निशुल्क दिया गया। इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेज दी है।
गौरतलब है कि अर्की क्षेत्र के करीब 35 किसानों ने मक्की के बीज की बिजाई की थी, लेकिन बीज उगा ही नहीं। मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसकी जांच बैठा दी थी। इसके बाद कृषि उपनिदेशक सोलन डॉ. डीपी गौतम, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सीमा कंसल, विषयवाद विशेषज्ञ एवं उपमंडलीय भू संरक्षण अधिकारी अर्की उॉक्टर अरुण शर्मा, कृषि प्रसार अधिकारी दया चंद ने अर्की क्षेत्र की सूरजपुर, हनुमान बड़ोग, जगून, देवरा और भराड़ीघाट पंचायतों के कई गांव का दौरा किया। इसमें बीज देने वाली कंपनी के अधिकारियों को भी बुलाया गया। खेतों का दौरा करने पर पाया कि कुछ जगह पर कम बीज उगने की दिक्कत आई। जिन किसानों को यह दिक्कत आई थी उन्हें मांग के अनुसार मौके पर मुआवजा दिला दिया गया।
इस बारे में जिला कृषि उपनिदेशक डॉ. डीपी गौतम ने बताया कि मक्की का बीज खराब होने के मामले में विभाग की टीम ने मौके का दौरा किया। इस दौरान पाया कि कुछ जगहों पर मक्की कम उगी है। ऐसे में जिन किसानों के खेतों में दिक्कत आई थी। उन्हें बीज देने वाली कंपनी से उचित मुआवजा दिला दिया गया। किसान संतुष्ट हैं और उन्हें मक्की का दोबारा बीज भी निशुल्क मुहैया करवाया गया है। कंपनी ने पूरे प्रदेश में यह बीज दिया था, मगर अर्की के धुंधन क्षेत्र के करीब 13 क्विंटल बीज में ही यह दिक्कत आई थी। कंपनी को जुर्माना लगाया गया है। इसकी रिपोर्ट भी उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
किसान खरीफ के मौसम में मक्की की बिजाई करते हैं। अपने घर की मक्की का साल भर खाद्यान्न के रूप में इस्तेमाल करते हैं। इन्होंने दो महीने पहले कृषि विक्रय केंद्र धुंदन से मक्की का बीज लिया। बिजाई के दो महीने बाद भी यह नहीं उगा तो किसानों ने कृषि अधिकारियों और कंपनी के ध्यान में यह मामला लाया। सीएम कार्यालय ने कड़ा संज्ञान लेते हुए कृषि विभाग को इसकी जांच करने के लिए कहा। गौरतलब है कि 11 किसानों ने कॉल कर इसकी शिकायत की थी।
आठ-दस सूचीबद्ध कंपनियां सोलन जिले में करती हैं बीज की आपूर्ति
उप निदेशक डॉ. डीपी गौतम ने कहा कि यह बीज आमतौर पर हैदराबाद से आता है। करीब आठ-दस सूचीबद्ध कंपनियां सोलन जिले में बीज की आपूर्ति करती हैं। सोलन में 100 क्विंटल बीज आया है। शिकायत धुंदन को भेजे 15 क्विंटल बीज की ही आई है। नौ किसान लिखकर दे चुके हैं कि वे कंपनियों के देय मुआवजे को लेने के लिए तैयार हैं।
हर किसान का करीब 40 हजार का नुकसान हुआ
द्रुमण गांव के दौलत राम ने बताया कि उन्होंने करीब दो महीने पहले 385 रुपये में पांच किलो बीज लिया था। 10 और 11 जून को उन्होंने बिजाई की थी। दो-ढाई बीघा में इसे बीजा, लेकिन फसल नहीं उगी। उन्हें सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद अर्की से एक फोन आया और उन्हें मुआवजा देने की बात कर रहे हैं। गांव बानन के रविंद्र वशिष्ठ ने कहा कि उन्होंने बीज कृषि विक्रय केंद्र धुंदन से लिया था। इसकी बिजाई तीन बीघा में की थी, लेकिन एक भी दाना नहीं उगा। 30 से 40 हजार का नुकसान हुआ है।