रेलवे बोर्ड ने भूमि अधिग्रहण को लेकर बद्दी के भू अधिग्रहण अधिकारी को 45 करोड़ रुपये मुआवजे की पहली किस्त जारी कर दी है। रेलवे लाइन में 9 गांवों के किसानों की 407 बीघा जमीन लाइन के बीच में आ रही है। किसानों को मिलने वाले मुआवजे की आधी राशि रेलवे बोर्ड और आधी राशि प्रदेश सरकार देगी। प्रस्तावित बद्दी रेलवे लाइन को लेकर रेलवे किसानों की जमीन अधिगृहीत करने जा रहा है।
हालांकि किसानों ने सरकार की तरफ से तय जमीन के रेट लेने से इनकार कर दिया है। मुआवजे को लेकर रेलवे बोर्ड, भू अधिग्रहण अधिकारी और भूमि मालिकों के साथ दो बार बैठकें हो चुकी हैं लेकिन बात नहीं बनी। सरकार की तरफ से सभी नौ गांवों की जमीनों के अलग-अलग रेट तय किए हैं। रेलवे लाइन में बद्दी शीलतपुर, सराजमाजरा लबाणा, चक जंगी, बिलांवाली गुजरा, हरिपुर संडोली, केंदूवाल, लंडेवाल और कल्याणपुर शामिल है।
यह हैं सरकारी रेट
तहसीलदार एवं भू अधिग्रहण अधिकारी केशव राम ने बताया कि लाइन के बीच में सराजमाजरा लबाणा की जमीन के 15 लाख 15 हजार, बद्दी शीलतपुर के 27 लाख, चक जंगी के 21 लाख, लंडेवाल के 3 लाख, कल्याणपुर के 15 लाख 50 हजार, बिलावाली गुजरां 22 लाख, हरिपुर संडोली 15 लाख 50 हजार, केंदूवाला 13 लाख और संडोली की जमीन के 15 लाख 50 हजार रुपये प्रति बीघा रेट सरकार ने तय किए हैं। औसतन रेट 16 लाख 44 हजार 444 रुपये बना है। सरकार ने इससे चार गुणा रेट किया है। सरकार करीब अस्सी लाख रुपये प्रति बीघा मुआवजा देने को तैयार है।
किसान मांग रहे हैं डेढ़ करोड़
किसान किसान प्रति बीघा डेढ़ करोड़ रुपये की मांग कर रहे हैं। यही नहीं सभी को एक रेट जमीन के देने की मांग किसानों ने उठा रखी है। लेकिन किसान तय रेट को लेकर राजी नहीं हैं। वहीं पंचकूला के पूर्व जिला परिषद चेयरमैन राजेश कौना ने बताया कि हरियाणा में 22 किमी एरिया में 70 लाख प्रति बीघा जमीन के रेट सरकार दे रही है और किसान रेट लेने को तैयार भी हो गए हैं।