तीन घंटे बिजली गुल रहने से सूक्ष्म एवं लघु उद्योग को हो रहा नुकसान
केवल एसएमएस और सोशल मीडिया के माध्यम से आती है कट की सूचना
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। लोकसभा चुनाव संपन्न होते ही बीबीएन क्षेत्र की अनदेखी शुरू हो गई है। बीबीएन क्षेत्र में इन दिनों विद्युत कटौती ने उद्यमियों को परेशानी में डाल दिया है। बिजली कट के कारण उद्योगों में उत्पादन करना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में उद्योगों को नुकसान पहुंच रहा है। उद्योगों में कट की सूचना केवल सोशल मीडिया और एसएमएस के जरिए आ रही है। इसके बाद करीब तीन-तीन घंटे के कट लग जाते हैं।
वहीं, नंगल उपरला तहसील नालागढ़ में क्षतिग्रस्त हुए 100 एमबीए के ट्रांसफार्मर का कोई सशक्त विकल्प न होने से आए दिन कट झेलने पड़ रहे हैं। लघु उद्योग संघ के सह-सचिव साहिब सिंह ने बताया कि वह जब उद्योग लोदीमाजरा पहुंचा तो लाइट चली गई। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक संदेश आया कि एरिया में तीन घंटे कट रहेगा। उन्होंने कहा कि आठ घंटे की शिफ्ट में अगर कट के कारण तीन घंटे कारखाने बंद रहेंगे तो इंडस्ट्री कैसे चलेगी। उन्होंने कहा कि अगर हिमाचल में बिजली की कमी है तो इसे ऊर्जा राज्य का दर्जा क्यों दिया गया है यह समझ से परे है। बैंकों से लोन लेकर कारखाने चलाए हैं और दर्जनों को रोजगार भी दे रहे हैं। लेकिन बदले में मूलभूत चीजें ही नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि कट लगाने से हमें एतराज नहीं है। लेकिन यह कट कभी-कभी लगने चाहिए। इसके अलावा रंजीत सिंह, रवि इंद्र निरंकारी, अशोक चंदेल, शमशेर राणा, साहिल तलवार, विनोद अग्रवाल, श्रेय, संजय शर्मा ने बताया कि हमें शनिवार को पूरा दिन ट्रिपिंग व पावर कटों से परेशान होना पड़ा। इससे रोजाना हजारों रुपयों का नुकसान हो जाता है।
उधर, बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता ई. दीपक वर्मा ने कहा कि शनिवार को बिजली कमी कमी से कुछ कट लगाए गए हैं। लेकिन हमारी कोशिश रहती है कि एक दिन पहले शेड्यूल जरूर जारी हो जाए ताकि उद्यमी का नुकसान न हो।