रोजाना 50 से 70 मेगावाट कटौती पर जताई गई चिंता
पहले उद्योगों की जरूरत पूरी करे सरकार : गुलेरिया
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) औद्योगिक क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से जारी बिजली कटौती, ट्रिपिंग और अनियोजित शटडाउन से उद्योगों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। रोजाना 50 से 70 मेगावाट बिजली कटौती पर चिंता जताते हुए बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीबीएनआईए) ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
एसोसिएशन ने बिजली निर्यात से पहले स्थानीय औद्योगिक जरूरतें पूरी करने, फीडर लाइनों व सब-स्टेशनों का तकनीकी ऑडिट कराने और बिजली वितरण की पारदर्शी नीति बनाने की मांग की है।
बीबीएनआईए के पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक शैलेश अग्रवाल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों के सब-स्टेशन ओवरलोड हैं और बिजली वितरण का ढांचा पुराना हो चुका है। नए सब-स्टेशनों को मंजूरी मिलने के बावजूद बजट आवंटित न होने से समस्या बनी हुई है।
एसोसिएशन अध्यक्ष वाईएस गुलेरिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश बिजली सरप्लस राज्य होने के बावजूद उद्योगों को निर्बाध आपूर्ति नहीं मिल रही है। केरल को 600 मेगावाट बिजली निर्यात करने के फैसले के बीच स्थानीय उद्योगों की जरूरतों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बिजली कटौती से उत्पादन प्रभावित होने के साथ कच्चे माल की बर्बादी, मशीनरी को नुकसान और डीजल जनरेटर के इस्तेमाल से लागत बढ़ रही है। इसका असर प्रदेश की आर्थिक प्रगति और निवेश पर भी पड़ सकता है।
गुलेरिया ने मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री से उद्योगों को निर्बाध व गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसोसिएशन बिजली निर्यात के खिलाफ नहीं है, लेकिन प्रदेश की जरूरतें पूरी करने के बाद ही अतिरिक्त बिजली बाहर भेजी जानी चाहिए।