परवाणू में हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम संयंत्र का निरीक्षण करते राजस
मंत्री ने एचपीएमसी संयंत्र परवाणू और सोलन सेब मंडी का किया निरीक्षण
कहा धोखाधड़ी रोकने को मंडियों में प्रदर्शित होंगे आढ़तियों के लाइसेंस
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश सरकार बागवानों के कल्याण, उनकी आय में बढ़ोतरी और उनके उत्पादों के उचित दाम दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बात राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कही। वे शनिवार को सोलन जिला के परवाणू में हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम संयंत्र और सोलन स्थित सेब मंडी के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे।
बागवानी मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक बागवानी प्रधान राज्य है। बागवानों की आजीविका सुधारने के लिए सोलन, पराला, मतियाणा और शिलारू जैसी आधुनिक फल मंडियों का निर्माण किया गया है। उन्होंने बागवानों से अपील की कि वे अपने फलों का विक्रय राज्य की मंडियों में ही करें। जगत सिंह नेगी ने बताया कि प्रदेश की विभिन्न फल मंडियों में अब तक सेब के 45 लाख बॉक्स पहुंच चुके हैं और इस सीजन में कुल 2 करोड़ सेब बॉक्स मंडियों तक पहुंचने की संभावना है। गुणवत्तापूर्ण दवाएं बनाने वाले छोटे उद्योगों के जरिए बागवानों को विक्रय केंद्रों से कम दामों में बेहतर कीटनाशक उपलब्ध कराए जाएंगे। मंडी मध्यस्थता योजना को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष ऐप लॉन्च की गई है, जिस पर बागवान पंजीकरण कर सरकारी समर्थन मूल्य का लाभ उठा सकते हैं। सेब पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन लागू होने से विपणन आसान हुआ है और बागवानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं। मंडियों में बागवानों से किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी रोकने के लिए आढ़तियों के लाइसेंस प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। इस मौके पर नायब तहसीलदार शकुंतला पटियाल, एचपीएमसी की सहायक लेखा अधिकारी मोनिका कश्यप, एटीओ अंकिता सूद और तकनीकी सलाहकार जय पाल चौहान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।