तहसीलदार से एसडीएम के पास नहीं पहुंची रिपोर्ट
प्रशासन की लापरवाही उजागर, परिवार झेल रहा परेशानी
एचआर धीमान
नालागढ़ (सोलन)। तहसील नालागढ़ में आय प्रमाणपत्र से जुड़ी जांच रिपोर्ट करीब पौने दो साल से लंबित है। हैरानी की बात है कि शिकायत की जांच पूरी होने से पहले ही शिकायतकर्ता के पिता का आय प्रमाणपत्र रद्द कर दिया गया। उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) नालागढ़ ने 22 नवंबर 2024 को यह शिकायत जांच के लिए तहसीलदार नालागढ़ को भेजी थी। इसके बावजूद आज तक उसकी रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय को नहीं मिली है।
मित्तियां के कुलदीप ने वर्ष 2024 में उपमंडल अधिकारी नालागढ़ को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि उनके गांव में आंगनबाड़ी सहायिका के पद के लिए आवेदन मांगे थे। उनकी पत्नी बनिता देवी ने भी आवेदन किया। उन्होंने परिवार के मुखिया बुधराम के नाम जारी आय प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। इसके आधार पर बनिता का चयन हो गया।
गांव की ही एक अन्य आवेदक ने बनिता के चयन को चुनौती देते हुए दावा किया कि उसका परिवार बीपीएल श्रेणी में आता है। कुलदीप ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए एसडीएम को बताया कि संबंधित परिवार के पास करीब 55 बीघा जमीन है। परिवार को प्रतिवर्ष 24 हजार रुपये किसान सम्मान निधि तथा 18 हजार रुपये विधवा पेंशन मिलती है। कुलदीप का आरोप है कि संबंधित परिवार की वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक है। इसलिए उन्होंने उस परिवार को बीपीएल श्रेणी से बाहर करने की मांग की।
एसडीएम ने 22 नवंबर 2024 को तहसीलदार नालागढ़ को शिकायत जांच के लिए भेजी थी। पटवारी ने 17 अक्तूबर 2025 को रिपोर्ट दी। इसमें उल्लेख किया कि संबंधित परिवार की वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक है और वह बीपीएल के मापदंडों पर खरा नहीं उतरता। आरोप है कि पटवारी की रिपोर्ट मिलने के बाद भी तहसीलदार ने उसे एसडीएम कार्यालय को नहीं भेजा। इसके बजाय 22 अक्तूबर 2025 को शिकायतकर्ता कुलदीप के पिता बुधराम का आय प्रमाणपत्र रद्द कर दिया। वहीं, पटवारी की जांच रिपोर्ट अब तक एसडीएम कार्यालय नहीं पहुंची है।
इस मामले में सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत एसडीएम कार्यालय से जानकारी मांगी गई। 4 फरवरी 2026 को दिए जवाब में कार्यालय ने बताया कि तहसील कार्यालय से अब तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। उपमंडल अधिकारी नरेंद्र आहलूवालिया ने कहा कि कार्यालय को रिपोर्ट नहीं पहुंची है। इस संबंध में अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।