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Solan News: कंडाघाट अस्पताल के स्टोर में ही एक्सपायर हो गई कई जरूरी दवाएं

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सरकार की ओर से मरीजों के लिए निशुल्क दी गई थीं यह दवाएं
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विभाग ने दिए संबंधित बीएमओ को मामले की जांच के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सिविल अस्पताल कंडाघाट के दवा स्टोर में पड़े-पड़े ही कई जरूरी दवाएं एक्सपायर हो गई हैं। यह अस्पताल स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल के गृह क्षेत्र का है। मामला सामने आने के बाद कार्यकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी को जांच के आदेश दिए हैं। हैरत की बात है कि कई दवाएं अगस्त में एक्सपायर हो चुकी हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ दवाओं का वितरण भी काउंटर से हुआ है। लेकिन किसी ने भी एक्सपायरी तिथि पर कोई ध्यान नहीं दिया। वहीं मामला सामने आने के अब विभाग ने इस दवाओं को स्टोर से हटाने के भी आदेश जारी कर दिए हैं।
गौर रहे कि सरकारी स्तर पर 300 से अधिक दवाइयां अस्पतालों के दवा काउंटर पर दी जाती हैं। चिकित्सकों को भी बाहर से दवाएं लिखने के लिए सरकार ने मना किया है ताकि मरीजों को अस्पताल से ही दवाइयां मिल सकें। फिर भी अधिक मात्रा में दवाइयां खराब होना बड़ी बात है। दूसरी ओर कई बार अस्पताल में दवाइयां ही खत्म हो जाती हैं। इसके बाद मरीजों को अधिक दाम में दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं।
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नर्स के सहारे चल रहा दवा काउंटर
सिविल अस्पताल कंडाघाट के दोनों फार्मासिस्ट छुट्टी पर हैं। ऐसे में डिस्पेंसरी में रोगियों को दवाओं का वितरण करने के लिए एक्सरे कर्मचारी और मिडवाइफ समेत नर्स के सहारे चला हुआ है। जबकि कंडाघाट अस्पताल कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर होने के कारण अतिमहत्वपूर्ण श्रेणी का अस्पताल है। लेकिन अस्पताल में व्यवस्था ठीक न होने से मरीजों पर इसका असर पड़ रहा है।

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दवाओं का सही स्टॉक मेंटेन करने को लेकर कई बार चीफ फार्मेसिस्ट और फार्मेसी अफसर को निर्देश दिए गए हैं। इसमें कोई दवा एक्सपायरी हो गई है तो उसे तुरंत हटा दें। अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास जारी है। आजकल दोनों फार्मासिस्ट छुट्टी पर हैं। ऐसे में नर्स की वहां पर ड्यूटी लगाई हुई है।
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-डॉ. पीएस नंदा
प्रभारी, सिविल अस्पताल कंडाघाट
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मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले को लेकर पहले कंडाघाट अस्पताल के प्रभारी डॉ. पीएस नंदा से बातचीत कर इन दवाओं को वहां से हटाने के निर्देश दिए। इसके अलावा खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी को इस मामले की जांच सौंपी गई है। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।
-डॉ. अमित रंजन तलवाड़
कार्यकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन
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