अस्पतालों में टेंडर प्रक्रिया में बदलाव को लेकर ऑनलाइन बैठक में भाग लेते चिकित्सा अधीक्षक। संवा
ऑनलाइन टेंडर भरने वाले को देना होगा लिखित में समय
पहले टेंडर करने के 60 दिन में होती थी दवाओं की सप्लाई
अवधि पूरी होने पर सप्लाई देने को मुकर जाती थीं संबंधित फर्म
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेशभर में स्वास्थ्य महकमे ने दवाओं को लेकर होने वाले टेंडर प्रक्रिया में फिर से बदलाव कर दिया है। अब टेंडर भरने वाली फर्म को लिखित में सप्लाई देने की समयावधि भी देनी होगी। अगर संबंधित फर्म समयावधि में सप्लाई नहीं देती है तो सप्लाई ऑर्डर दूसरी फर्म को चला जाएगा। इस फर्म से भी लिखित में समयावधि मांगी जाएगी ताकि समय पर मरीजों को दवाएं मिल सकें।
इससे पहले ऑनलाइन टेंडर भरने के 60 दिन में दवाओं की आपूर्ति देनी होती थी। कई बार संबंधित फर्म 60 दिन बाद सप्लाई देने के लिए मुकर भी जाती थी। इसके बाद अस्पतालों में दवाओं का टोटा हो जाता था। इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ता था और मरीजों को मजबूरी में दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ती थीं। इसे देखते हुए विभाग ने सख्ती दिखाई है।
गौर रहे कि दवाओं को खरीदने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से डीबीडीएमएस पोर्टल के जरिए दवाओं के टेंडर किए जाते हैं। विभाग की ओर से भी इसी ऑनलाइन पोर्टल पर टेंडर करने के लिए अस्पतालों को कहा है। इसमें कई बड़ी फर्म बाजार के मुकाबले कम दाम में दवाओं की सप्लाई करती हैं। लेकिन बीते कुछ समय से सप्लाई देने वाली फर्म टेंडर प्रक्रिया में भाग तो लेती थीं। लेकिन समयावधि में दवाओं की सप्लाई नहीं कर पाती थीं। इसे देखते हुए नियमों में बदलाव किए गए। अब संबंधित फर्म को टेंडर मिलते ही उसे लिखित में सप्लाई देने का समय लिखना होगा। अगर नियमों में कोई कोताही होगी तो उस फर्म के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। यही नहीं टेंडर के साथ दूसरी फर्म को भी उसके सामानांतर रखा जाएगा और सप्लाई ऑर्डर इसी फर्म को दिया जाएगा। इसी के साथ कई अन्य बदलाव भी किए गए हैं।
उधर, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल वर्मा ने बताया कि निदेशक स्वास्थ्य विभाग के साथ ऑनलाइन बैठक की गई थी। जिसमें टेंडर प्रक्रिया में हुए आवश्यक बदलावों के बारे में बताया गया। इसी के अनुसार टेंडर प्रक्रिया की जाएगी।