नालागढ़ विस क्षेत्र के कांग्रेस और भाजपा के चुनावी समीकरण में नया मोड़ आ गया है। दलजीत सिंह भिंडर के नालागढ़ में भाजपा के बैनर तले चुनाव लड़ने की चाह के बाद अब जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं पूर्व जिप सदस्य ने भी कांग्रेस आलाकमान से टिकट की मांग कर डाली है। करीब 25 सालों से डीसीसी के उपाध्यक्ष अजायब सिंह राणा कांग्रेस में सक्रिय हैं।
नालागढ़ में आयोजित पत्रकारवार्ता में राणा ने चुनाव लड़ने का एलान किया। उन्होंने कहा कि 25 सालों से वह कांग्रेस से जुड़े हैं और उनका परिवार पूरी तरह से समाजसेवा से जुड़ा रहा है। यही कारण है कि इस बार जनता ने उन्हें विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए जोर डाला है। इस पर उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सर्वे भी करवाया है। इसी आधार पर उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला लिया।
जिप मेंबर का कहना है कि पार्टी हाईकमान पर उन्हें पूरा भरोसा है और यदि फिर भी टिकट नहीं मिली तो जनमत लेकर वह उनकी मंशा से फैसला लेंगे। इस मौके पर राणा की धर्मपन्नी एवं जिप सदस्य सुखदेव कौर राणा, जोघों पंचायत प्रधान कमलेश कुमार, जगतपुर प्रधान सिकंदर सिंह, मास्टर देवप्राग, विजेंद्र, जयचंद शर्मा, रोशन लाल, हरचरण सिंह, बलदेव सिंह, करनैल सिंह और संजीव कुमार मौजूद रहे।
यह हैं अजायब सिंह राणा
अजायब सिंह राणा वर्ष 1986 में एयर फोर्स से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद समाजसेवा से जुड़ गए। वर्ष 1992 में वह जनता के सहयोग से पंचायत प्रधान बने। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और इससे पहले उनकी माता करीब 22 सालों से महिला मंडल की प्रधान रहीं। 2010 में वह कुंडलू जुखाड़ी वार्ड से जनमत से जिप सदस्य बने। इस बार सीट महिला के लिए रिजर्व हुई तो क्षेत्र के लोगों ने उनकी धर्मपत्नी को जिला परिषद सदस्य चुना है।
विस चुनाव में टिकट की जंग बिगाड़ेगी दोनों दलों का गणित
वर्ष 2017 के विस चुनाव की आहट तेज होने के साथ ही चुनाव लड़ने वालों की बढ़ती संख्या कांग्रेस और भाजपा दोनों दिग्गज पार्टियों की चाल बिगाड़ सकती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि चुनावी दंगल में इस दौरान पार्टी के भीतर टिकट के लिए खूब घमासान होने वाला है। नालागढ़ कांग्रेस और भाजपा में टिकट के दावेदारों की बढ़ती संख्या भी बढ़ती जा रही है। चारों तरफ से सीटों की लॉबिंग शुरू हो चुकी है। दलजीत सिंह भिंडर पंजाब की तर्ज पर भाजपा से हिमाचल में भी सीटें मांग रहे हैं।
नालागढ़ से चुनाव लड़ने की इच्छा वह पहले ही जाहिर कर चुके हैं। वहीं अब कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष की एमएलए चुनाव में चाह से दोनों पार्टियों में उथल पुथल होना तय है। लिहाजा सोलन जिला में नालागढ़ हॉट सीट बनकर उभरेगी और मुकाबले एक दो नहीं बल्कि कई उम्मीदवारों के बीच हो सकते हैं। पूर्व विधायक लखविंदर राणा पहली बार आजाद और तीन बार कांग्रेस टिकट तथा एक बार आजाद चुनाव लड़ चुके हैं। दूसरी ओर चेयरमैन बावा हरदीप सिंह भी नालागढ़ से करीब आठ सालों से अपनी सियासी जमीन तलाशते हुए पिछले विस और उपचुनाव में अपने नाम हाईकमान को भेज चुके हैं।
ऐसे में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं पूर्व जिप सदस्य अजायब सिंह राणा के चुनावी मैदान में ताल ठोंकने से टिकट के चाहवानों की सूची में उनका नाम भी शामिल हो गया है। नालागढ़ में कांग्रेस की टिकट के लिए घमासान मचने के आसार हैं। उधर, मौजूदा भाजपा विधायक एवं भाजपा जिलाध्यक्ष केएल ठाकुर को इस बार टक्कर देने के लिए एसजीपीसी मेंबर एवं शिअद प्रदेशाध्यक्ष डॉ. दिलजीत सिंह भिंडर ने चुनौती दी है। पंजाब में अकाली भाजपा गठबंधन के बाद उन्होंने भी सिक्ख बाहुल्य क्षेत्रों वाली सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया है। ऐसे में भाजपा की राह पर भी चुनौतियां उभर सकती हैं। डॉ. भिंडर ने सक्रियता बढ़ाते हुए जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है।
आप भी रहेगी चुनावी दौड़ में शामिल
नालागढ़ के साथ लगते पड़ोसी राज्य पंजाब में चुनाव परिणाम आने को हैं और यदि पंजाब में आप का प्रदर्शन अच्छा रहा तो हिमाचल में भी आप प्रत्याशी उतारेगी। आप दिल्ली, पंजाब और गोवा के बाद हिमाचल में भी अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर चुकी हैं। ऐसे में नालागढ़ में आप पार्टी में या तो कोई बड़ा दिग्गज नेता जा सकता है या फिर पार्टी ही किसी पर दांव खेल सकती है। ऐसे में नालागढ़ में चरचाओं का दौर चला हुआ है।