सरकारी अस्पतालों में रोगियों को अब सिर्फ जैनरिक दवाएं बड़े अक्षरों में लिखनी होगी। यह निर्देश सोमवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम की तृतीय क्षेत्रीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के अतिरिक्त स्वास्थ्य सचिव एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक पंकज राय ने दिए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी अस्पतालों में सस्ती जैनरिक दवाएं उपलब्ध हैं। चिकित्सा अधिकारियों को यह सुनिश्चित बनाना होगा कि रोगियों को सस्ती दवाएं उपलब्ध हों।
उन्होंने कहा कि जैनरिक दवाएं लिखने के संबंध में भारतीय चिकित्सा परिषद ने विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं तथा सभी चिकित्सकों को यह निर्देश उपलब्ध करवाए जाएं। कहा कि विभिन्न माध्यमों से यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि गर्भवती महिलाओं का प्रसव अस्पतालों में ही हो। यदि किसी कारणवश प्रसव घर पर होता है तो महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को यह सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए जाएं कि जच्चा-बच्चा को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी न हो। इसके लिए भी उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं की सही जांच के बारे में समुचित जानकारी प्रदान की जाए।
अतिरिक्त स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना विभाग का दायित्व है तथा इस दिशा में कोताही सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी यह सुनिश्चित बनाएं कि सभी जन औषधि दुकानों में दवाएं उपलब्ध हों। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिश्न के तहत उपलब्ध करवाए जा रहे धन का समुचित उपयोग करने तथा दवा खरीद के लिए प्रदत्त धनराशि को समय पर व्यय करने पर बल दिया।
इन विषयों पर भी की गई चर्चा
बैठक में मानसिक स्वास्थ्य, शिशु एवं बाल स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, किशोर स्वास्थ्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना, एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम तथा असंचारी रोगों सहित स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। शिमला, किन्नौर, सोलन, सिरमौर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं का मूल्यांकन तथा एंबुलेंस प्रदाता जीवीके की कार्यप्रणाली पर मंथन किया। इस अवसर पर 104 एंबुलेंस सेवा प्रदान कर रही पीरामल हेल्थ केयर तथा जन औषधि के प्रतिनिधि ने प्रेजेंटेशन दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. आरके दरोच ने सभी का स्वागत किया तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिश्न के उप महा प्रबंधक डा. अनुज गुप्ता ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. बीएम गुप्ता, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिश्न के राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अनादि गुप्ता, उपनिदेशक डॉ. गोपाल बेरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला डॉ. नीरज मित्तल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सिरमौर डॉ. संजय सिंह, एसएनएस फाउंडेशन परवाणू की निदेशक राजन बाला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।