अपने भवनों को नियमित करने के लिए रिटेंशन पॉलिसी का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। नगर परिषद सोलन ने ऐसे भवन मालिकों को नियमित किए जाने के लिए 2 माह का समय दिया है। इस अवधि में इन भवन मालिकों को भवन के नक्शों को सुव्यवस्थित करने के लिए आवेदन करने को कहा है। लेकिन यह भी तय है कि अब आवेदन करने से चूके तो अवैध निर्माण गिराना पड़ेगा। कोई सुनवाई नहीं होगी।
सोलन में ऐसे कई मकान हैं जो नियमों को ताक पर रखकर बने हैं। इन्हें इस पालिसी के तहत नियमित किया जाना है। वर्तमान में शहर में ऐसी कई बहुमंजिला इमारतों का विस्तार हुआ है, जिनके निर्माण के लिए नप द्वार जरूरी मंजूरी नहीं ली गई है। कहीं एक मंजिल का नक्शा पास कर दो या इससे अधिक का निर्माण किया है। तो कहीं भवन मालिकों द्वारा बिना नप के एनओसी के छज्जे बढ़ा दिए हैं। चार मंजिल के लिए बनाए भवन के नक्शों में ऐटिक का निर्माण बिना नप की इजाजत के करने वालों की भी लिस्ट लंबी है। शहर में वर्तमान में 180 आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं।
नप का हो रहा आर्थिक नुकसान
बीते कुछ वर्षों में निर्माण कार्यों ने शहर को कंकरीट के जंगल में बदल दिया है। इसमें तय नियमों से कहीं अधिक बड़ी इमारतें बन रही हैं। आलम यह है कि औपचारिकताएं पूरी किए बिना ही बहुमंजिला भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इससे हर साल नगर परिषद सोलन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। एक बिजली और पानी के कनेक्शन को कई परिवार उपयोग कर रहे हैं। इससे नप को खपत के हिसाब से टैक्स नहीं मिल पा रहा। इससे शहर के कई विकास कार्यों पर भी ब्रेक लग गई है।
अधिकतर निर्माणों में नियमों पर अमल नहीं
वर्ष 2009 के बाद शहर में 60 प्रतिशत से अधिक मकान बने हैं। अब इन मकानों में से कुछ ही भवन मालिकों ने 3+1 का नियम अपनाया है। अधिकांश लोगों ने इस पर गौर नहीं किया और पार्किंग के स्थान पर व्यावसायिक भवन बना लिए हैं। यही नहीं तीन मंजिल भवन की सीमा भी लांघ दी है।
अब चूके तो होगी कड़ी कार्रवाई : ईओ
नगर परिषद के ईओ बीआर नेगी ने कहा कि शहर के जिन भवन मालिकों ने बिना नप की मंजूरी के भवनों का निर्माण किया है, वह रिटेंशन पालिसी का लाभ उठा सकते हैं। आवेदन ऑनलाइन किए जा सकते है। टीसीपी की वेबसाइट पर क्लिक करने पर आवेदन किए जाने की पूरी प्रक्रिया और फीस के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है। इस अवधि के बाद सरकार और जिला प्रशासन के साथ मिलकर नगर परिषद ऐसे भवन मालिकों पर कड़ी कार्रवाई करेगी जिनका निर्माण बिना अनुमति के किया है। पहले आवेदन कर चुके लोगों को अब दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है।