संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला शिक्षा विभाग ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए निर्धारित 25 फीसदी दाखिले के कोटे को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन निजी स्कूलों ने नियमों के तहत गरीब बच्चों को प्रवेश नहीं दिया तो, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार शिक्षा निदेशालय की ओर से डाइट, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा को अपने कार्यक्षेत्र के स्कूलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
जिला नोडल अधिकारी डाइट सोलन डाइट सोलन बबीता ठाकुर ने बताया कि इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा का अधिकार के तहत गरीब बच्चों को मिलने वाले आरक्षण का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं। विभाग ने स्कूलों से गरीब बच्चों के दाखिले से संबंधित पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। यह डाटा सीधे शिक्षा विभाग के मुख्यालय को भेजा जाएगा। जिला सोलन में वर्तमान में करीब 227 निजी स्कूल चल रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई स्कूलों ने अभी तक इस कोटे के तहत दाखिले नहीं दिए हैं, लेकिन शिक्षा का अधिकार के तहत बच्चे किसी भी स्कूल में दाखिला ले सकते है। उधर, उपनिदेशक शिक्षा गुणवत्ता डॉ. राजेंद्र वर्मा ने बताया कि नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने या भारी जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी स्कूल बच्चों को प्रवेश देने से इन्कार नहीं कर सकता है।