औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में सरकारी जमीनों से अवैध उगाही के मामले में अब अतिसंवेदनशील जगहों को भी झुग्गी माफिया निशाना बना रहे हैं। नगर परिषद बद्दी की सीमा के साथ लगती भटोलीकलां पंचायत के कुंझाल गांव में लापरवाही का कुछ ऐसा ही मंजर नजर आता है।
क्षेत्र में हाल ही में बिजली बोर्ड के नाम हुई जमीन पर 220 केवी और 132 केवी के एचटी टावरों लगे हैं। इनके ठीक नीचे अवैध झुग्गियों का कारोबार फलफूल रहा है। कार्रवाई के नाम पर बिजली बोर्ड के अधिकारियों की ओर से बोर्ड लगाकर झुग्गियां न बसाने के निर्देशों के बोर्डों को भी अवैध उगाही करने वालों ने उखाड़कर फेंक दिया है। इन एचटी टावरों के नीचे करीब एक सौ से अधिक झुग्गियां बसी हुई हैं। इनमें करीब पांच सौ प्रवासी लोग रह रहे हैं। प्रशासन भी इस मामले से अनभिज्ञता जाहिर कर रहा है।
खतरे में हैं सैकड़ों जिंदगियां
औद्योगिक क्षेत्र में आए दिन तूफान और बारिश से एलटी लाइन के पोल तक गिर जाते हैं। ऐसे में भारी तूफान में एचटी लाइनों को भी नुकसान पहुंच सकता है। कोई हादसा किसी दिन हो गया तो कई जिंदगियां खतरे में पड़ सकती हैं। यही नहीं एचटी लाइनें के नजदीक करेंट लगने का भी खतरा रहता है।
हादसों का इंतजार कर रहा है प्रशासन
प्रशासन को इस संबंध में बिजली बोर्ड की ओर से लिखित रूप में सूचना दी जा चुकी है। इसमें एचटी लाइनों के दायरे में अवैध रूप से स्थापित झुग्गियां को हटाने का आग्रह किया है। लेकिन प्रशासन ने इस बाबत कोई कार्रवाई नहीं की।
झुग्गियां हटाए बगैर कैसे चली लाइन
एचटी लाइनों को जुलाई और सितंबर 2015 में चालू किया है। इससे पूर्व इस क्षेत्र में झुग्गियों को निजी भूमि मालिक बसा चुके थे। ऐसे में सवाल उठता है कि बोर्ड ने इन हाई टेंशन लाईनों को आरंभ करने से पहले क्यों नहीं हटाया? लोगों की जिंदगी के साथ इस तरह खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है?
यहां जाती है बिजली
220 केवी की एचटी लाइन नंगल-उपरला से मंधाला स्थित उद्योगों तक बिजली पहुंचाने के लिए प्रयोग हो रही है। 132 केवी एचटी लाइन कुनिहार से बरोटीवाला तक उद्योगों को बिजली पहुंचाने का कार्य भी इसी लाइन के जरिये होता है।
बोर्ड लगाकर किया था आगाह
बिजली बोर्ड के अधिशाषी अभियंता गुरप्रीत ने कहा कि लाइन को आरंभ करने से पहले झुग्गियों को हटाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए बाकायदा बोर्ड भी लगाया था। इसे वहीं के कुछ लोगों ने उखाड़कर फेंक दिया है। कहा कि इस संबंध में एसडीएम नालागढ़ को पत्र लिखकर अवैध कब्जे हटाने का आग्रह किया है।
मामले की जानकारी नहीं : एसडीएम
एसडीएम नालागढ़ हरिकेश मीना ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। कुंझाल में अगर कुछ ऐसा है तो इसकी जांच की जाएगी। इसके बाद उचित कदम उठाए जाएंगे।