सोलन। कोरोना काल में बसों में 50 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी से परिवहन निगम लगातार घाटे में जा रहा है। आलम यह है कि न तो बसों में सवारियां चढ़ रही हैं और न ही बसों की आय में कोई बढ़ोतरी हुई है। इस कारण सड़कों पर दौड़ाई जा रही बसों से निगम को लाखों का घाटा अधिसूचना जारी होने के बाद हुआ है। जानकारी के अनुसार निगम को अब तक 15 लाख का नुकसान झेलना पड़ा है।
महीने के अंत तक टोटल लॉस होने की संभावना जताई जा रही है। इससे यह आंकड़ा बढ़कर 30 लाख तक पहुंच सकता है जो निगम के लिए एक चुनौती बन सकता है। अभी निगम 84 लोकल रूटों पर बसों को चला रहा है। सवारियां कम होने से मुनाफा नहीं हो रहा है। निगम को मजबूरी में बसों को चलाना पड़ रहा है। रविवार को तो 50 प्रतिशत रूटों पर बसों को खड़ा किया जा रहा है। यही कारण है कि सवारियों की कमी को देखते हुए निगम ने अन्य रूटों पर बस सेवा को बहाल नहीं किया है। उधर, आरएम सुरेश धीमान ने कहा कि महीने के आखिर तक परिवहन निगम का घाटा बढ़कर 30 लाख तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि आधी ऑक्यूपेंसी के बाद 15 लाख का नुकसान हुआ है।