मांगे पूरी न होने को लेकर किया जाएगा प्रदेश सरकार का घेराव
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) से सेवानिवृत कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर अब आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। हिमाचल पथ परिवहन सेवानिवृत्त कल्याण मंच ने 30 मार्च को शिमला में जोरदार प्रदर्शन और घेराव का ऐलान करते हुए प्रदेशभर के पेंशनर्स से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
मंच की इकाई के अध्यक्ष बलवीर चौधरी ने बताया कि 30 मार्च सोमवार को सुबह 10:00 बजे सभी पेंशनर्स चौड़ा मैदान में एकत्रित होंगे। इसके उपरांत विधानसभा व सचिवालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने इसे अधिकारों की निर्णायक लड़ाई बताते हुए अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 18 विभागों से सेवानिवृत कर्मचारियों की विभिन्न इकाइयों को एक मंच पर लाकर संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया गया है। समिति की ओर से सरकार को 14 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा जा चुका है, जिसमें एचआरटीसी पेंशनर्स की मांगें चौथे स्थान पर शामिल हैं। इसके बावजूद सरकार द्वारा अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
बलवीर चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार ज्ञापन लेने के बावजूद केवल आश्वासन ही दे रही है। शिमला और धर्मशाला में कई बार प्रदर्शन और घेराव किए जा चुके हैं, लेकिन पेंशनर्स की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने विशेष रूप से एचआरटीसी पेंशनर्स के साथ हो रहे भेदभाव पर नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रदेश के अन्य विभागों के कर्मचारियों व पेंशनर्स को 3 प्रतिशत वित्तीय लाभ दिया जा चुका है, यहां तक कि एचआरटीसी के कार्यरत कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिल चुका है, लेकिन सेवानिवृत पेंशनर्स को इससे वंचित रखा गया है।